Rajesh Power Services ने गुजरात की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों (MGVCL और UGVCL) से **₹541 करोड़** के इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। इस नई डील के साथ कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब **₹4,000 करोड़** के पार पहुंच गई है।
ऑर्डर का गणित और कंपनी की स्थिति
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि उसे ₹471.92 करोड़ का बड़ा ऑर्डर MGVCL से और ₹69 करोड़ का काम UGVCL से मिला है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स का मुख्य मकसद गुजरात के पावर ग्रिड को आधुनिक बनाना है। बतौर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) स्पेशलिस्ट, कंपनी के लिए सरकारी टेंडर्स हासिल करना रेवेन्यू बढ़ाने का सबसे बड़ा जरिया है। इस जीत के बाद कंपनी की ऑर्डर बुक अब ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है।
एग्जीक्यूशन और ऑपरेशनल चुनौतियां
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में कैसे पूरा करती है। MGVCL का प्रोजेक्ट 18 महीने में पूरा करना है, जबकि UGVCL का काम 12 महीने की अवधि में पूरा किया जाना है। EPC सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के सामने अक्सर जमीन अधिग्रहण (Right-of-way), साइट क्लीयरेंस और कच्चे माल जैसे कि स्टील और कॉपर की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां आती हैं।
इसके अलावा, सरकारी डिस्काम (Discoms) के साथ काम करने में पेमेंट साइकिल अक्सर लंबी होती है। निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि कंपनी का कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट इन बड़े प्रोजेक्ट्स के दबाव को कैसे झेलता है।
आगे का रास्ता
कंपनी के पास अब काफी काम पाइपलाइन में है। भविष्य में मुनाफा मार्जिन बरकरार रखने और फिक्स-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स में लागत को काबू में रखने की चुनौती मैनेजमेंट के सामने बनी रहेगी। आगामी तिमाही नतीजों में प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट कंपनी के भविष्य की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
