Rajesh Power Services ने Dakshin Gujarat Vij Company Limited (DGVCL) से **₹1,629 करोड़** का एक बड़ा टर्नकी ऑर्डर हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट के बाद कंपनी का कुल ऑर्डर बुक बढ़कर **₹5,400 करोड़** के करीब पहुंच गया है।
प्रोजेक्ट की डिटेल्स
यह कॉन्ट्रैक्ट पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी मौजूदा ओवरहेड लाइनों को अंडरग्राउंड केबलिंग में बदलेगी। इसके साथ ही इसमें SCADA-कंपैटिबल टेक्नोलॉजी को भी जोड़ा जाएगा, जिससे पावर नेटवर्क की मॉनिटरिंग और कंट्रोल दूर से ही किया जा सकेगा। यह पूरा टर्नकी प्रोजेक्ट है, जिसे अगले 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ
इस नए ऑर्डर के साथ ही कंपनी का कुल ऑर्डर बुक लगभग 35% बढ़कर ₹5,400 करोड़ हो गया है। कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजों पर नजर डालें, तो फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹929.26 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 34.8% उछलकर ₹79.22 करोड़ दर्ज किया गया।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) प्रोजेक्ट्स में वर्किंग कैपिटल की भारी जरूरत होती है। कंपनी को गुजरात की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों पर निर्भरता के कारण 'क्लाइंट कंसंट्रेशन' रिस्क भी है। अगर प्रोजेक्ट के माइलस्टोन में देरी होती है, तो कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट का मिजाज
5 नवंबर 2026 को शेयर ₹825–830 के दायरे में ट्रेड करता दिखा। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और बिना कर्ज बढ़ाए कैसे पूरा करती है।
