Rajesh Power Services ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1 FY2027) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **34.8%** बढ़कर **₹79.22 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू **45.7%** की बढ़त के साथ **₹929.26 करोड़** रहा।
मुनाफे और रेवेन्यू की रफ्तार
पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में काम करने वाली Rajesh Power Services के लिए मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत काफी मजबूत रही है। कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में 45.7% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, मुनाफे में तेजी के साथ-साथ निवेशकों की नजर कंपनी के मार्जिन पर भी है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के EBITDA मार्जिन में करीब 110 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जो बढ़ते खर्चों की ओर इशारा करता है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कंपनी अपनी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
मजबूत ऑर्डर बुक का दम
कंपनी के पास वर्तमान में ₹4,000 करोड़ की तगड़ी ऑर्डर बुक है, जो भविष्य की कमाई के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है। 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं में हिस्सेदारी के कारण कंपनी को लंबी अवधि में काफी फायदा मिलने की उम्मीद है।
रिस्क और चुनौतियां
यह सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसके चलते कंपनी को वर्किंग कैपिटल और बैटरी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए कर्ज पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐतिहासिक रूप से कंपनी का कैश फ्लो कभी-कभी नकारात्मक रहा है, जो निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। इसके अलावा, कंपनी का ज्यादातर कारोबार गुजरात में केंद्रित है। भौगोलिक एकाग्रता (Regional Concentration) कंपनी को गुजरात की सरकारी नीतियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है। भविष्य में कंपनी के लिए अपने कारोबार का विस्तार करना और मार्जिन को स्थिर रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
