RailTel: SBI से मिला ₹197 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, फिर भी शेयर पर क्यों है दबाव?

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AuthorAditya Rao|Published at:
RailTel: SBI से मिला ₹197 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, फिर भी शेयर पर क्यों है दबाव?

RailTel Corporation ने State Bank of India (SBI) के साथ **₹197.18 करोड़** का 5 साल का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। लगातार मिल रहे ऑर्डर्स के बावजूद कंपनी का शेयर अपने **52-वीक लो** के करीब है, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।

बड़ी डील और काम का दायरा

RailTel ने SBI के साथ ₹197.18 करोड़ का एक अहम एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक बैंक के डेटा सेंटर्स और शाखाओं को टेलीकॉम कनेक्टिविटी (Multi-Protocol Label Switching और Point-to-Point सेवाएं) उपलब्ध कराएगी। यह डील कंपनी को लंबे समय तक रेवेन्यू की विजिबिलिटी देगी।

ऑर्डर बुक बनाम मार्केट का डर

अक्टूबर 2026 में कंपनी को Ministry of Railways और ओडिशा सरकार से भी कई प्रोजेक्ट्स मिले हैं। इतनी शानदार ऑर्डर बुक के बाद भी मार्केट का मूड बदला हुआ है। 14 अक्टूबर 2026 तक शेयर ₹252.55 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो कि इसके 52-वीक लो (₹245) के बेहद करीब है। यह फासला साफ बताता है कि निवेशक अभी भी कंपनी को लेकर सतर्क हैं।

क्या है मार्जिन का रिस्क?

कंपनी के पास जीरो-डेट (Zero-debt) बैलेंस शीट है, लेकिन समस्या बिजनेस मॉडल के बदलने में है। बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने से वर्किंग कैपिटल पर दबाव पड़ता है और इनका प्रॉफिट मार्जिन कोर टेलीकॉम बिजनेस के मुकाबले कम रहता है। शेयरहोल्डर्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ मुनाफे में बदल पाएगा।

एग्जीक्यूशन है चुनौती

टेलीकॉम और ICT सेक्टर में काफी कॉम्पिटिशन है, जिससे मार्जिन पर असर पड़ना लाजमी है। RailTel के लिए अब असली परीक्षा इन प्रोजेक्ट्स को सही समय पर पूरा करना है। अगर काम में देरी हुई या मार्जिन और ज्यादा घटा, तो स्टॉक पर दबाव बरकरार रह सकता है, भले ही ऑर्डर बुक कितनी भी बड़ी क्यों न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.