गल्फ में फिर शुरू हुए एक्सपोर्ट्स, दमदार मांग का असर
Radico Khaitan ने अपने अहम गल्फ मार्केट में एक्सपोर्ट्स को फिर से शुरू कर दिया है। इस साल की शुरुआत में भू-राजनीतिक घटनाओं के चलते ये एक्सपोर्ट्स रुके थे। लेकिन अब, प्रीमियम स्पिरिट्स की ग्लोबल डिमांड में आई ज़बरदस्त तेजी ने कंपनी को फिर से पटरी पर ला दिया है। मिडिल ईस्ट में आई मंदी के बावजूद, अफ्रीका, एशिया-पैसिफिक और एयरपोर्ट रिटेल में शानदार परफॉरमेंस ने कंपनी की डायवर्सिफाइड एक्सपोर्ट स्ट्रेटेजी को मजबूत किया है।
प्रीमियम ब्रांड्स की धूम, एक्सपोर्ट्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
31 मार्च को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में Radico Khaitan के एक्सपोर्ट्स रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए। अफ्रीका, एशिया-पैसिफिक और एयरपोर्ट रिटेल में बिक्री बढ़ाकर कंपनी ने मिडिल ईस्ट शिपमेंट्स में आए अस्थायी ठहराव की भरपाई की। Royal Ranthambore और Sangam जैसे प्रीमियम ब्रांड्स पर कंपनी का फोकस रंग ला रहा है, क्योंकि दुनिया भर के ग्राहक अब बढ़-चढ़कर हाई-एंड स्पिरिट्स को चुन रहे हैं। इसका मतलब है कि कंज्यूमर क्वालिटी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, भले ही कुल खरीद वॉल्यूम में ज्यादा बदलाव न हो। पिछले फाइनेंशियल ईयर में, नेट रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹60.5 अरब (लगभग $637.58 मिलियन) हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 13.8% से बढ़कर 16.8% हो गया, जो प्रीमियम सेगमेंट की ज़बरदस्त प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है। Radico Khaitan के स्टॉक (NSE: RADICO) की मार्केट कैप मई 2026 की शुरुआत में करीब ₹38,000 करोड़ थी, जो इसके प्रीमियम ब्रांड स्ट्रेटेजी और ग्लोबल एक्सपेंशन से प्रॉफिट बढ़ाने की उम्मीदों में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। इसका P/E रेश्यो लगभग 55 है, जो United Spirits (NSE: MCDOWELL-N) के करीब 70 और United Breweries (NSE: UBL) के 45 की तुलना में थोड़ा प्रीमियम वैल्यूएशन दिखाता है।
लागत पर लगाम और ग्लोबल रिस्क
हालांकि, Radico Khaitan को लगातार लागत के दबावों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर कांच और शिपिंग की बढ़ी हुई कीमतों के कारण। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक खईतान को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर में मार्जिन 120 से 125 बेसिस पॉइंट्स और बढ़ेगा, बशर्ते कॉस्ट कंट्रोल और प्रीमियम प्राइसिंग में मजबूती बनी रहे। इन चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास करना महत्वपूर्ण है। गल्फ में आए व्यवधान, जो Radico Khaitan की बिक्री का लगभग 5-6% वॉल्यूम और 9-10% रेवेन्यू था, कंज्यूमर गुड्स के लिए इंटरनेशनल ट्रेड के रिस्क को उजागर करते हैं। अप्रैल के अंत में शिपमेंट्स की त्वरित शुरुआत ने प्रभावी लॉजिस्टिक एडजस्टमेंट्स का संकेत दिया। व्यापक सेक्टर में भी इनपुट लागतों में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी से सभी भारतीय शराब कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
आउटलुक और इंडस्ट्री ट्रेंड्स
Radico Khaitan का मैनेजमेंट अगले फाइनेंशियल ईयर से शुरू होने वाले साल के लिए 15% से ज़्यादा रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में उम्मीद के मुताबिक विस्तार का अनुमान लगा रहा है। यह अनुमान प्रीमियम स्पिरिट्स की लगातार उपभोक्ता पसंद और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ग्रोथ पर निर्भर करता है। एनालिस्ट्स का नजरिया सतर्कता से सकारात्मक है, जिसमें ज्यादातर प्राइस टारगेट कंपनी की ग्रोथ पोटेंशियल को दर्शाते हैं, हालांकि कुछ बढ़ती इनपुट लागतों को लेकर चिंतित हैं। इंडियन स्पिरिट्स सेक्टर में युवा आबादी, बढ़ती आय और बदलती आदतों के चलते लगातार ग्रोथ देखी जा रही है, लेकिन प्राइसिंग पावर और रेगुलेशन को लेकर सवाल बने हुए हैं। वैल्यूएशन और ग्रोथ बनाए रखने के लिए Radico Khaitan के लिए लागतों को मैनेज करते हुए प्रीमियमाइजेशन लक्ष्यों को लगातार पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
