मर्जर की अटकलों से शेयरों में आई तेजी
मंगलवार को शेयर बाजार में सरकारी स्वामित्व वाली रेलवे कंपनियों Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL) और Ircon International के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। जहां BSE Sensex में 1.6% की बढ़त दर्ज की गई, वहीं इन दोनों कंपनियों के शेयरों में और भी तेज उछाल देखा गया। यह तेजी इन दोनों इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के बीच संभावित सरकारी-नेतृत्व वाले मर्जर की रिपोर्टों से प्रेरित है।
कहा जा रहा है कि यह कंसॉलिडेशन सरकार की नेशनल एसेट मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) 2.0 पहल का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करना है। दिसंबर 2025 तिमाही के अंत तक, सरकार की RVNL में लगभग 72.8% और Ircon International में करीब 65.17% हिस्सेदारी है। हालांकि, अब तक दोनों कंपनियों की ओर से मर्जर की अटकलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वैल्यूएशन पर चिंता और एनालिस्ट्स का नजरिया
बाजार में आई इस तेजी के बावजूद, कंपनियों के फंडामेंटल आंकड़े और विश्लेषकों की राय एक अलग तस्वीर पेश करती है। 20 मार्च 2026 तक, RVNL का शेयर 47.6 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहा था, जो कि इसके 10-साल के औसत P/E 8.06 से काफी ज्यादा है। वहीं, Ircon International का P/E फाइनेंशियल ईयर 2025 और 2026 के लिए आमतौर पर 22.0x से 28.1x के बीच रहा है।
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स के बीच फिलहाल सतर्क रुख बना हुआ है। RVNL के लिए 'Sell' की कंसेंसस रेटिंग है, और अगले 12 महीनों के लिए औसत प्राइस टारगेट में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। इसी तरह, Ircon International को भी 'Sell' या 'Hold' की कंसेंसस रेटिंग मिली है, जिसमें एनालिस्ट्स सीमित अपसाइड पोटेंशियल देख रहे हैं।
अंदरूनी जोखिम और वित्तीय स्थिति
वित्तीय मोर्चे पर, Ircon International के Q3FY26 के नतीजों में रेवेन्यू ₹2,119 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से कम है। नेट प्रॉफिट ₹100 करोड़ दर्ज किया गया। 31 मार्च 2025 को समाप्त अवधि के लिए इसके पूरे साल की बिक्री में 13.52% की गिरावट आई, जो तीन साल में पहली बार रेवेन्यू में संकुचन है। RVNL के Q3FY26 नतीजों में भी पिछले तिमाही की तुलना में थोड़ा प्रॉफिट बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू कम रहा। RVNL के सामने कृष्णपट्टनम रेलवे कंपनी लिमिटेड (KRCL) से लगभग ₹1,169.31 करोड़ का बड़ा बकाया भी है (31 दिसंबर 2025 तक)।
ऐतिहासिक रूप से, 2026 में दोनों स्टॉक्स ने ब्रॉडर मार्केट को अंडरपरफॉर्म किया है। RVNL के शेयर साल-दर-तारीख 26% गिरे हैं, जबकि Ircon International 30% लुढ़का है। यह बेंचमार्क BSE Sensex के 10% की गिरावट से काफी ज्यादा है।
भविष्य की राह फंडामेंटल्स पर निर्भर
रेलवे संपत्तियों के मोनेटाइजेशन का लक्ष्य रखने वाली सरकार की NMP 2.0 पहल एक नीतिगत ढांचा प्रदान करती है। हालांकि, इन पब्लिक सेक्टर फर्म्स के शेयरों में लगातार बढ़ोतरी अंततः केवल सट्टा मर्जर अफवाहों पर नहीं, बल्कि परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में वास्तविक सुधार पर निर्भर करेगी। सरकार का मोनेटाइजेशन पर ध्यान 2030 तक अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लिस्टेड रेलवे PSUs में इक्विटी डाइल्यूशन (शेयरों की संख्या बढ़ना) का कारण भी बन सकता है।