Q4FY26 में RR Kabel का रेवेन्यू 33.7% बढ़कर ₹29.6 अरब रहा। यह ग्रोथ डोमेस्टिक डिमांड और एक्सपोर्ट में मजबूत पार्टनरशिप का नतीजा है। एक्सपोर्ट वॉल्यूम में डोमेस्टिक वॉल्यूम के मुकाबले तेज उछाल देखा गया। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹17,700 करोड़ है और इसका पीई रेशियो (P/E Ratio) 36-40x के दायरे में है। भारतीय वायर्स और केबल्स इंडस्ट्री के 9.01% की CAGR से 2031 तक बढ़ने का अनुमान है, जो RR Kabel के लिए एक बड़ा अवसर है।
मैनेजमेंट का लक्ष्य W&C EBIT मार्जिन को 300 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाकर FY27 तक 9.5% और FY28 तक 10.5% तक पहुंचाना है। इसके मुकाबले, Polycab India के हालिया तिमाही EBITDA मार्जिन 15.8% रहे, जबकि KEI Industries के 9.8%। मार्केट शेयर की बात करें तो Polycab लगभग 18% के साथ आगे है, KEI Industries 9% पर है, और RR Kabel का शेयर लगभग 7% है। पिछले एक साल में स्टॉक 53.45% चढ़ा है।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। एक्सपोर्ट मार्केट में जियो-पॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) जोखिमों से रेवेन्यू और मार्जिन पर असर पड़ सकता है। महत्वाकांक्षी मार्जिन विस्तार लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रोक्योरमेंट (खरीद) और प्रोडक्शन (उत्पादन) में मजबूत एग्जीक्यूशन (निष्पादन) की जरूरत होगी। इसके अलावा, कंपनी का FMEG (Fast Moving Electrical Goods) सेगमेंट अभी भी ब्रेक-ईवन (Breakeven) की राह पर है, जिसके लिए लगातार निवेश और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
एक बड़ी चिंता पूर्व CEO दिनेश अग्रवाल (Dinesh Aggarwal) द्वारा दायर एक मुकदमे से जुड़ी है। उन्होंने गलत तरीके से टर्मिनेट (Terminate) किए जाने के आरोप में ₹25 करोड़ हर्जाने की मांग की है। यह लीगल एक्शन (Legal Action) मैनेजमेंट में अनिश्चितता पैदा कर सकता है।
आगे चलकर, RR Kabel FY27 में 16-18% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है और FY26 से FY28 के बीच कैपेसिटी (क्षमता) बढ़ाने के लिए ₹12 अरब का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) करने की योजना है। कंपनी को उम्मीद है कि FMEG सेगमेंट जल्द ही ब्रेक-ईवन हासिल कर लेगा, और FY27 के लिए 20-25% वैल्यू ग्रोथ का टारगेट है।
