RITES के शेयर में तूफानी तेजी! दक्षिण अफ्रीका से मिला ₹300 करोड़ का बड़ा ऑर्डर

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AuthorMehul Desai|Published at:
RITES के शेयर में तूफानी तेजी! दक्षिण अफ्रीका से मिला ₹300 करोड़ का बड़ा ऑर्डर

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RITES ने दक्षिण अफ्रीका से ₹300 करोड़ का एक बड़ा डील फाइनल किया है। कंपनी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई करेगी। यह डील कंपनी के इंटरनेशनल ऑर्डर बुक को मजबूत करती है।

RITES को मिला ₹300 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कंसल्टेंसी फर्म RITES लिमिटेड ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने दक्षिण अफ्रीकी कंपनी Volantis Asset Finance (Pty) के साथ लगभग $35.82 मिलियन यानी करीब ₹300 करोड़ का एक महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इस डील के तहत RITES, 4,000 HP के केप गेज डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग करेगी।

यह प्रोजेक्ट 20 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत के साथ RITES ने न सिर्फ विदेशी बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, बल्कि अपने टोटल ऑर्डर बुक को भी मजबूती दी है। इस खबर के आते ही, RITES के शेयर में 8% का उछाल देखा गया और यह ₹233.04 के स्तर पर पहुंच गया।

डोमेस्टिक प्रोजेक्ट्स में भी दमदार

यह अंतरराष्ट्रीय डील RITES के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन कंपनी घरेलू मोर्चे पर भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। जून में ही, RITES को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) से ₹175.41 करोड़ का प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) कॉन्ट्रैक्ट मिला था। यह प्रोजेक्ट यूनिवर्सिटी कैंपस के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़ा है और इसे 30 महीनों में पूरा किया जाना है। इन लगातार मिली सफताओं से यह जाहिर होता है कि कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी अपनी पैठ बना रही है।

आगे क्या?

लगभग ₹11,213.93 करोड़ मार्केट कैप वाली RITES, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करती है। निवेशक कंपनी के ऑर्डर बुक को भविष्य की कमाई का एक अहम संकेत मानते हैं। हालांकि, इस नए कॉन्ट्रैक्ट का कंपनी की कमाई पर असली असर प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन और लॉजिस्टिक्स की लागत पर निर्भर करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की अन्य कंपनियों की तरह RITES के सामने भी समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने और लागत प्रबंधन की चुनौती रहेगी। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी इन दोनों प्रोजेक्ट्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है।

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