RITES Limited ने बांग्लादेश को 19 कोचों की यात्री ट्रेन का पहला सेट रवाना कर दिया है। यह इस देश में दस साल बाद यात्री कोच का पहला एक्सपोर्ट है और यह **₹915 करोड़** के बड़े सौदे का हिस्सा है, जिसे यूरोपीय निवेश बैंक (European Investment Bank) फंड कर रहा है।
10 साल बाद RITES का बांग्लादेश को बड़ा रेल एक्सपोर्ट
भारतीय रेलवे की कपूथला सुविधा से RITES Limited ने सफलतापूर्वक 19 कोचों वाली यात्री ट्रेन बांग्लादेश के लिए रवाना की है। यह कदम द्विपक्षीय व्यापार में रेलवे रोलिंग स्टॉक के लिए एक संभावित पुनरुद्धार का संकेत देता है, क्योंकि देश में यात्री कोचों का यह निर्यात एक दशक में पहली बार हुआ है।
₹915 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट और फाइनेंसिंग
RITES Limited को मई 2024 में ₹915 करोड़ का यह बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के तहत बांग्लादेश रेलवे को 200 ब्रॉड-गेज यात्री कोच सप्लाई किए जाने हैं। इस पूरी पहल का वित्तपोषण यूरोपीय निवेश बैंक (European Investment Bank) द्वारा किया जा रहा है, जो इस प्रोजेक्ट के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है।
सुरक्षा और तकनीकी बदलाव
अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए, इन कोचों में खास बदलाव किए गए हैं। इसमें यूरोपीय मानक EN 15227 के तहत क्रैशवर्थी डिज़ाइन (crashworthy designs) का अनुपालन शामिल है, जिसका उद्देश्य टक्कर के दौरान सुरक्षा बढ़ाना है। इसके अलावा, भारतीय घरेलू नेटवर्क में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले 750 V के बजाय, इलेक्ट्रिकल सिस्टम को 415 V ऑपरेशन के लिए समायोजित किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इस कॉन्ट्रैक्ट का निष्पादन RITES Limited के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। भारतीय रेलवे की एक्सपोर्ट आर्म के तौर पर काम करने वाली यह कंपनी, जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹87.21 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज कर चुकी है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, RITES के पास ₹9,445 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी राजस्व स्रोतों में विविधता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
हालांकि, इस कॉन्ट्रैक्ट के निष्पादन के संबंध में निवेशकों को कुछ बातों पर विचार करना होगा। बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति एक निगरानी योग्य कारक बनी हुई है, क्योंकि अस्थिरता कभी-कभी डिलीवरी टाइमलाइन और लॉजिस्टिक्स को बाधित कर सकती है। इसके अलावा, कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होने के बावजूद, हाल की अवधि में इसके प्रॉफिट ग्रोथ में चुनौतियां देखी गई हैं। प्रबंधन वर्तमान में मार्जिन की सुरक्षा पर केंद्रित है, खासकर अपने टर्नकी प्रोजेक्ट्स (turnkey projects) में, जिनका लाभ मार्जिन कंसल्टेंसी बिजनेस की तुलना में कम होता है।
शेयरधारकों के लिए मुख्य निगरानी योग्य बिंदु शेष कोचों की डिलीवरी की गति और कंपनी की क्षमता होगी कि वह ऑपरेटिंग मार्जिन बनाए रखते हुए संभावित प्रोजेक्ट जोखिमों से निपट सके। इस 200-कोच सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट के अगले चरणों पर अपडेट, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट से राजस्व योगदान में और अधिक अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।
