RITES Ltd ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **2%** बढ़कर **₹102 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू **5.7%** की बढ़ोतरी के साथ **₹608.6 करोड़** पर पहुंच गया। सबसे अहम बात, ऑपरेटिंग EBITDA में **21.5%** का शानदार उछाल देखा गया, जिसने कंपनी के मार्जिन को **300 बेस पॉइंट** बढ़ाकर **23.4%** कर दिया। इन नतीजों के दम पर शेयर में **1.09%** की तेज़ी दर्ज की गई।
मार्जिन का कमाल, मुनाफ़े में इज़ाफ़ा
जहां एक ओर कंपनी का नेट प्रॉफिट 2% बढ़ा, वहीं दूसरी ओर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में ज़बरदस्त सुधार देखने को मिला। RITES Ltd के EBITDA में 21.5% का तगड़ा उछाल आया, जो ₹142.5 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार ग्रोथ की बदौलत, कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन 20.4% से सुधरकर 23.4% हो गए। यह 300 बेस पॉइंट का विस्तार कंपनी की बढ़ी हुई ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन का इशारा देता है। इसी वजह से नतीजों के ऐलान के बाद NSE पर स्टॉक 1.09% चढ़कर ₹226.26 पर बंद हुआ, और दिन के कारोबार में ₹229.67 के स्तर तक भी पहुंचा।
वैल्यूएशन और सेक्टर में पोजीशन
RITES की मार्केट कैप करीब ₹10,756 करोड़ है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 26.5x है, जो इंफ्रा कंसल्टेंसी सेक्टर के एवरेज P/E 41.41x से काफी कम है। यह वैल्यूएशन के लिहाज़ से इसे सेक्टर के मुकाबले आकर्षक बनाता है। पब्लिक सेक्टर की कंपनी होने के नाते, RITES का डिविडेंड यील्ड भी करीब 3.37% है, जो इसे एक स्थिर इनकम जेनरेट करने वाले स्टॉक के तौर पर पेश करता है।
भविष्य की ग्रोथ और सरकारी नीतियां
हालांकि, कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ पिछले 5 सालों में -2.17% और पिछले 3 सालों में -6.64% रही है, लेकिन कंपनी का ऑर्डर बुक अभी भी मज़बूत है। नवंबर 2025 तक यह ₹9,090 करोड़ का था, जो भविष्य में रेवेन्यू की उम्मीद जगाता है। इसके अलावा, सरकार की ओर से बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹12.2 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन RITES जैसी कंपनियों के लिए बड़ा बूस्टर साबित हो सकता है। इंफ्रा सेक्टर में पिछले हफ्ते 6.1% और पिछले साल 23% की तेज़ी भी कंपनी के लिए माहौल को सकारात्मक बना रही है।
निवेशकों के लिए डिविडेंड और आउटलुक
कंपनी ने ₹1.90 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 फरवरी 2026 है। हालांकि नेट प्रॉफिट में मामूली 2% की बढ़ोतरी हुई, पर EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार कंपनी के कुशल मैनेजमेंट को दिखाता है। निवेशक अब यह देखने का इंतज़ार कर रहे हैं कि क्या मार्जिन में यह सुधार बना रहेगा और सरकारी कैपेक्स का फायदा उठाकर कंपनी अपनी नेट प्रॉफिट ग्रोथ को और तेज़ कर पाएगी। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, जो इसे ग्रोथ के अवसरों को भुनाने के लिए वित्तीय मजबूती देता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अगले तीन सालों में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में हाई टीन्स से लो ट्वेंटीज़ तक की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जो इसके भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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