सोलर सेल प्लांट के लिए जमीन पक्की
RDB Infrastructure and Power Ltd. के शेयर बुधवार को BSE पर 5 फीसदी के अपर सर्किट को छूते हुए ₹34.48 पर बंद हुए। इस मजबूती की मुख्य वजह कंपनी की घोषणा है कि उसने अपने पार्टनर Samvik Power Private Limited के साथ मिलकर Nava Raipur Atal Nagar में सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक इंडस्ट्रियल प्लॉट हासिल किया है। यह प्लॉट 90 साल की लंबी लीज पर लगभग 36.46 एकड़ में फैला है। लीज रेंट की समीक्षा हर 30 साल में की जाएगी और लीज एग्रीमेंट अवॉर्ड डेट के 90 दिनों के भीतर साइन होने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी के लिए भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक बड़े प्रवेश का संकेत है।
सोलर पावर से कंपनी को मिलेगी नई ऊर्जा
भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, खासकर सोलर पावर, सरकारी पहलों और बढ़ती मांग के चलते जबरदस्त ग्रोथ देख रहा है। RDB Infrastructure, रियल एस्टेट और पावर ट्रांसमिशन में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके इस नए वेंचर में अपने अनुभव का लाभ उठा सकती है। कंपनी की ज़मीन अधिग्रहण, प्रोजेक्ट प्लानिंग और एग्जीक्यूशन की क्षमताएं सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में मददगार साबित होंगी। इस स्ट्रैटेजिक डाइवर्सिफिकेशन का मकसद एक हाई-ग्रोथ मार्केट सेगमेंट का फायदा उठाना है, जिससे नए रेवेन्यू स्ट्रीम खुल सकें।
कंपनी के फाइनेंशियल्स और शेयर का प्रदर्शन
इस 36.46 एकड़ के प्लॉट के लिए लैंड प्रीमियम ₹36,89,77,192 (यानी ₹2,501 प्रति वर्ग मीटर) तय किया गया है। हालांकि, सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से होने वाले संभावित मुनाफे के बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹615.4 करोड़ से ₹704.51 करोड़ के बीच था। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो भी 65.8 से 91.8 के बीच रहा। बुक वैल्यू प्रति शेयर लगभग ₹12.37 थी। स्टॉक में हालिया उतार-चढ़ाव देखा गया है; 52-सप्ताह का निचला स्तर ₹31.14 (अप्रैल 2026) रहा, जबकि उच्चतम स्तर ₹91.89 था। पिछले एक साल में स्टॉक में करीब 41.06% की गिरावट आई है, लेकिन लंबी अवधि में इसने 3,650% से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है। हालांकि, हालिया टेक्निकल इंडिकेटर्स शॉर्ट से मीडियम टर्म के लिए 'सेल' सिग्नल की ओर इशारा कर रहे हैं।
आगे की राह में चुनौतियां
सोलर वेंचर में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन RDB Infrastructure को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। कंपनी अतीत में रेगुलेटरी जांच के दायरे में भी रही है; उदाहरण के तौर पर, गुरूग्राम में ज़मीन अधिग्रहण से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग केस के संबंध में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को समन जारी किए थे। दिसंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन -1.6% नकारात्मक रहा था। हालांकि पिछले कुछ तिमाहियों में प्रॉफिट ग्रोथ देखी गई है, लेकिन रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की गई है, जैसे Q2 FY26 में 73% की तिमाही-दर-तिमाही कमी। सोलर मॉड्यूल और सेल मैन्युफैक्चरिंग मार्केट में Adani Solar, Tata Power Solar, और Waaree Energies जैसे स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं, और 2026 में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की उम्मीद है।