RACL Geartech का बड़ा दांव: EV में 70% एक्सपोर्ट से ₹565 Cr रेवेन्यू का लक्ष्य
RACL Geartech ने अपने Q3 FY2025-26 के नतीजे पेश किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का कुल टर्नओवर ₹134 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹33.41 करोड़ दर्ज किया गया, जो 24.93% के मार्जिन को दर्शाता है। कंपनी के लिए एक्सपोर्ट्स (Exports) एक बड़ा सहारा बने हुए हैं, जो कुल रेवेन्यू का 70% हिस्सा हैं।
FY27 के लिए ₹565 करोड़ का टारगेट
कंपनी मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए ₹565 करोड़ (±5%) के रेवेन्यू का लक्ष्य दोहराया है। यह FY26 के अनुमानित आंकड़ों से करीब 17% की सालाना ग्रोथ का संकेत देता है। कंपनी का लॉन्ग-टर्म ग्रोथ गाइडेंस 15% से 20% की रेंज में है।
ग्रोथ के नए इंजन: EV और नए OEM
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए RACL Geartech नई परियोजनाओं पर दांव लगा रही है। कंपनी ZF के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग (Electric Power Steering) कॉम्पोनेंट्स पर काम करेगी, जो खास तौर पर अमेरिकन ट्रक्स के लिए होंगे। इसके अलावा, BMW के इलेक्ट्रिक कार प्रोग्राम के लिए भी डेवलपमेंट जारी है, जिसकी सीरीज़ प्रोडक्शन सितंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
भविष्य के लिए ₹77.45 करोड़ का निवेश
बढ़ती मांग और नई तकनीकों को अपनाने के लिए, RACL Geartech ने FY27 के लिए ₹77.45 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान तैयार किया है। इस फंड का उपयोग बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) और प्रोडक्शन कैपेसिटी (Capacity) को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
यह क्यों मायने रखता है?
यह अपडेट RACL Geartech की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एडवांस्ड मोबिलिटी कंपोनेंट्स सेक्टर में रणनीतिक छलांग को दर्शाता है, जो ग्लोबल ऑटोमोटिव ट्रेंड्स के अनुरूप है। बड़े OEM (Original Equipment Manufacturers) जैसे ZF और BMW के साथ नए प्रोजेक्ट्स मिलना कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
कंपनी का सफर
RACL Geartech ने खुद को एक घरेलू गियर निर्माता से एक प्रीमियम, सेफ्टी-क्रिटिकल ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के विशेष ग्लोबल सप्लायर के रूप में स्थापित किया है। कंपनी BMW, ZF, KTM, Aprilia जैसे प्रीमियम OEMs के साथ मजबूत, लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते रखती है।
आगे क्या?
शेयरधारकों को अब कंपनी का फोकस हाई-मार्जिन EV और प्रीमियम कंपोनेंट सेगमेंट पर बढ़ने की उम्मीद है। ₹77.45 करोड़ का केपेक्स प्लान कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज को मजबूत करेगा। ZF और BMW के नए प्रोजेक्ट्स के साथ रेवेन्यू की विजिबिलिटी (Revenue Visibility) बढ़ी है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं जिन पर नजर रखनी होगी। सरकार के एक्सपोर्ट बेनिफिट्स (RoDTEP) में 50% की कटौती से अगले साल मुनाफे पर लगभग ₹1 करोड़ का असर पड़ सकता है। मार्जिन में हुई बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा करेंसी फ्लक्चुएशन (Currency Fluctuation) से भी आया था, जो अब स्थिर हो गया है। पुराने प्रोजेक्ट्स पर इन्फ्लेशन (Inflation) से जुड़े खर्चों को कंपनी को खुद वहन करना होगा। साथ ही, टॉप कस्टमर्स पर निर्भरता एक फैक्टर बनी हुई है।