Quess Corp के नतीजों ने बाजार को खुश कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **44%** बढ़कर **₹74.66 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने **₹5** प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा भी की है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल
सितंबर तिमाही के दौरान Quess Corp का नेट प्रॉफिट ₹74.66 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹51.77 करोड़ के मुकाबले 44% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है। कंपनी का रेवेन्यू भी 14.74% बढ़कर ₹4,396.48 करोड़ हो गया है। इन मजबूत नतीजों के दम पर बोर्ड ने निवेशकों को ₹5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है।
स्टाफिंग बिजनेस का दबदबा
कंपनी ने इस तिमाही में 5,00,000 कर्मचारियों की संख्या का एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। 'जनरल स्टाफिंग' डिवीजन का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसने 20,000 से ज्यादा नए कर्मचारी जोड़े और 116 नए क्लाइंट्स हासिल किए। इसके चलते इस सेगमेंट का रेवेन्यू 15% और कोर प्रॉफिट 23% बढ़ गया है। वहीं, 'प्रोफेशनल स्टाफिंग' सेगमेंट को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की मांग से 13% रेवेन्यू ग्रोथ मिली है।
इंटरनेशनल मार्केट में दम
कंपनी के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस ने भी लचीलापन दिखाया है, जहाँ रेवेन्यू में 10% और कोर प्रॉफिट में 23% की बढ़त दर्ज की गई। मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस में मजबूत कामकाज के साथ मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी मार्जिन में सुधार देखा गया है।
डीमर्जर पर नजर
निवेशकों के लिए इस समय सबसे बड़ा इवेंट कंपनी का तीन-तरफा डीमर्जर प्लान है। कंपनी खुद को Quess Corp (वर्कफोर्स मैनेजमेंट), Allsec Technologies और एक नई एचआर सर्विस कंपनी में विभाजित करने की प्रक्रिया में है। यह रिस्ट्रक्चरिंग वैल्यू अनलॉकिंग के लिहाज से अहम है।
हालाँकि, स्टाफिंग सेक्टर में बढ़ती वेज इन्फ्लेशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर दबाव बना रहना एक चुनौती हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर इस कंपनी के रिस्ट्रक्चरिंग प्लान और मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर टिकी है।
