'वैल्यू-लेड ग्रोथ' का दिखा असर
Quess Corp की यह स्ट्रैटेजी अब नतीजों में साफ दिख रही है। कंपनी मैनेजमेंट ने अब सिर्फ ज्यादा लोगों को नौकरी देने (headcount expansion) की बजाय कैपिटल एफिशिएंसी और वैल्यू-लेड ग्रोथ पर फोकस किया है। इसका असर यह हुआ कि Q3 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹62 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू में 2% की मामूली गिरावट के साथ यह ₹3,930 करोड़ पर आ गया।
मार्जिन में शानदार सुधार
इस तिमाही में कंपनी के EBITDA मार्जिन में 40 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है, जो अब 2.03% पर पहुंच गया है। यह उछाल बिजनेस मिक्स में बदलाव की वजह से है। अब कंपनी के बिजनेस में ज्यादा मार्जिन वाले सेग्मेंट्स जैसे IT प्रोफेशनल स्टाफिंग (जिसमें 12.5% EBITDA मार्जिन मिलता है) और इंटरनेशनल स्टाफिंग (जिसमें 7% EBITDA मार्जिन है) का हिस्सा बढ़ा है। पहले जहां जनरल स्टाफिंग का हिस्सा 57-60% था, वहीं अब यह वैल्यू-ओरिएंटेड बिजनेस के साथ 50:50 के अनुपात में आ गया है।
लेबर कोड्स का असर और आगे की राह
हालांकि, इस तिमाही में कुछ चुनौतियां भी रहीं। दिवाली के बाद होने वाली हायरिंग में कमी और 21 नवंबर, 2025 को नए लेबर कोड्स के ऐलान का असर देखा गया। इन कोड्स की वजह से क्लाइंट्स ने पेरोल स्ट्रक्चर और लागत का आकलन करने के लिए हायरिंग पर एक तरह से रोक लगा दी थी, जिसका असर इंडस्ट्री की दूसरी कंपनियों पर भी पड़ा।
इंडस्ट्री में ग्रोथ जारी
इसके बावजूद, इंडियन स्टाफिंग इंडस्ट्री, खासकर IT स्टाफिंग में ग्रोथ जारी है। Q2 FY26 में IT स्टाफिंग में 16% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई थी। अनुमान है कि फ्लेक्सी-स्टाफिंग सेगमेंट FY27 तक 91.6 लाख तक बढ़ जाएगा। कॉम्पिटिटर्स जैसे TeamLease Services और Info Edge India भी रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ मार्जिन सुधार पर ध्यान दे रहे हैं।
एक्सपर्ट्स को उम्मीद
Q3 की चुनौतियों के बावजूद, Quess Corp आने वाली चौथी तिमाही (Q4) को लेकर काफी उत्साहित है। CEO लोहित भाटिया का कहना है कि Q3 में टली हुई ग्रोथ की बातचीत अब दोबारा शुरू हो गई है और जनवरी-फरवरी में रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का इस शेयर पर भरोसा बना हुआ है, और उन्होंने इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग दी है। औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹307 के आसपास है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹3,000-3,100 करोड़ है और शेयर करीब ₹205-209 पर ट्रेड कर रहा है।