पश्चिम एशिया (West Asia) में भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के कारण नए बिजनेस अवसरों में नरमी आने के चलते, Quess Corp अपनी इंटरनेशनल विस्तार की रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी अब जापान, यूरोप और उत्तरी अमेरिका (North America) जैसे बाजारों पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी ने Q1 FY27 में **15%** का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया है और अब इंडिया के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
पश्चिम एशिया से हटाई नजर, अब इन देशों में होगा विस्तार
Quess Corp अपनी इंटरनेशनल रणनीति को नया मोड़ दे रही है ताकि पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम हो सके। वहां जारी तनाव के चलते नए बिजनेस डील्स में देरी हो रही है। कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में उनका मौजूदा कामकाज जारी रहेगा, लेकिन ग्रोथ पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए Quess Corp जापान, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में नए टैलेंट हब (talent corridors) विकसित कर रही है। इन क्षेत्रों से कंपनी के कुल मुनाफे (profit) में लगभग 20% का योगदान आता है।
इंडिया के GCC मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी का लक्ष्य
कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा इंडिया में तेजी से बढ़ रहा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का इकोसिस्टम है। Quess Corp वर्तमान में इंडिया के 2,400 से ज्यादा GCCs में से लगभग 10% को अपनी सेवाएं दे रही है। अगले 3 से 4 सालों में कंपनी का लक्ष्य अपनी मार्केट हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30% से 40% तक पहुंचाना है। अनुमान है कि हर साल 200 से 300 नए GCCs भारतीय बाजार में दस्तक देंगे, और Quess Corp इन अवसरों का फायदा उठाने के लिए तैयार है। कंपनी खास टैलेंट तक पहुंच और प्रोफेशनल प्लेसमेंट की सुविधा देगी।
दमदार तिमाही नतीजे और घरेलू सेक्टर का हाल
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों में Quess Corp ने ₹4,182 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 15% ज्यादा है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 61% बढ़कर ₹82 करोड़ हो गया। कंपनी के पास कुल 4,82,214 कर्मचारियों का वर्कफोर्स है।
इंडिया में, कंपनी को विभिन्न सेक्टर्स से मिले-जुले डिमांड देखने को मिल रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और एयरोस्पेस व डिफेंस सेक्टर्स में जोरदार ग्रोथ दिखी है। हालांकि, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेगमेंट में आउटसोर्सिंग (outsourcing) को लेकर सख्त नियमों के कारण हायरिंग (hiring) सुस्त है। कंपनी को उम्मीद है कि फिनटेक (fintech), नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और होम फाइनेंस सेक्टर में नए अवसर पैदा करके इस कमी को पूरा किया जा सकेगा।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और भविष्य की राह
Quess Corp अपनी इंटरनल एफिशिएंसी (internal efficiency) को बढ़ाने के लिए अपने AI इंजन KaiOS को 29 ऑपरेशनल ट्रैक्स में इंटीग्रेट कर रही है। कंपनी के मुताबिक, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल स्टाफ की संख्या कम करने के बजाय हायरिंग प्रोसेस को सुचारू बनाने और कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
जैसे-जैसे पारंपरिक सॉफ्टवेयर कोडिंग (software coding) की मांग बदल रही है, कंपनी अब क्लाउड कंप्यूटिंग (cloud computing), साइबर सिक्योरिटी (cybersecurity) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) जैसे हाई-ग्रोथ एरियाज पर अपना फोकस बढ़ा रही है। आगे चलकर, निवेशक कंपनी के नए इंटरनेशनल कोलैबोरेशन्स (collaborations) की सफलता और GCC मार्केट में उसकी पैठ को देखेंगे कि क्या यह उसके ग्रोथ टारगेट के अनुरूप है या नहीं।
