कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन दोनों में दमदार परफॉरमेंस
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस तिमाही में कॉस्ट कटिंग और एफिशिएंसी पर ज़ोर दिया, जिसका असर नतीजों पर साफ दिख रहा है। कंसोलिडेटेड स्तर पर, कंपनी का नौ महीने का रेवेन्यू (Nine-month FY26) भी 194% बढ़कर ₹6,664.66 मिलियन और नेट प्रॉफिट (PAT) 94% बढ़कर ₹1,349.96 मिलियन रहा।
सिर्फ कंसोलिडेटेड ही नहीं, कंपनी की स्टैंडअलोन परफॉरमेंस भी काफी मज़बूत रही। स्टैंडअलोन Q3 FY26 में रेवेन्यू में करीब 61% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹577.06 मिलियन रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) लगभग 97% उछलकर ₹145.94 मिलियन पर पहुंच गया। नौ महीने के स्टैंडअलोन नतीजों में भी रेवेन्यू 40% और नेट प्रॉफिट 76% बढ़ा है।
ईपीएस (EPS) में बड़ा उछाल और सब्सिडियरी का प्रदर्शन
Earnings Per Share (EPS) यानी प्रति शेयर आय में भी ज़बरदस्त सुधार देखा गया। स्टैंडअलोन Q3 FY26 में ईपीएस ₹1.88 रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1.02 था। कंसोलिडेटेड ईपीएस ₹5.03 दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹1.92 था।
कंपनी की सब्सिडियरी, Mehru Electrical & Mechanical Engineers Private Limited का मार्जिन भी सुधरकर 16.40% हो गया, जो मैनेजमेंट की उम्मीदों के अनुरूप है।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
कंपनी के मैनेजमेंट ने नतीजों को अपनी गाइडेंस के अनुरूप बताया है। उन्होंने इस शानदार परफॉरमेंस का श्रेय कंपनी की एग्जीक्यूशन एफिशिएंसी (Execution efficiency) और डिसिप्लिन्ड कॉस्ट मैनेजमेंट (Disciplined cost management) को दिया है।
आगे की राह और चुनौतियाँ
Quality Power Electrical भविष्य में आने वाले बड़े ऑर्डर्स और कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity expansion) के लिए अभी से तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी अपने कर्मचारियों, टेक्नोलॉजी और ओवरऑल क्षमताओं में निवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य सस्टेनेबल ग्रोथ (Sustainable growth) हासिल करना और अपने ग्लोबल ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करना है। हालांकि, नतीजों में आगे के लिए कोई खास क्वांटिटेटिव टार्गेट नहीं बताया गया है, ऐसे में निवेशकों की नज़र कंपनी के ऑर्डर पाइपलाइन और विस्तार योजनाओं के एग्जीक्यूशन पर रहेगी।
