Pyramid Technoplast को Gujarat Pollution Control Board (GPCB) से एक बड़ी राहत मिली है। अब कंपनी सालाना **960 मीट्रिक टन** खतरनाक इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को रिसाइकिल कर सकेगी, जिससे एक नया रेवेन्यू सोर्स खुलने की उम्मीद है।
कारोबार का नया विस्तार
Gujarat Pollution Control Board (GPCB) से मिली इस अमेंडेड ऑथराइजेशन के बाद, Pyramid Technoplast अब थर्ड-पार्टी इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को हैंडल और रिसाइकिल कर पाएगी। इस मंजूरी के तहत कंपनी खाली बैरल, कंटेनर्स और लाइनर्स सहित सालाना 960 मीट्रिक टन तक खतरनाक वेस्ट को प्रोसेस कर सकती है। यह कदम कंपनी को सीधे तौर पर सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) के दायरे में ले आता है।
वर्टिकल इंटीग्रेशन से कॉस्ट पर काबू
कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाते हुए हर महीने 9,000 साफ कंटेनर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यह वर्टिकल इंटीग्रेशन मॉडल कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। फिलहाल, कंपनी अपनी रिसाइकिलिंग डिवीजन के जरिए हर महीने 1,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का उत्पादन कर रही है। रिसाइकिल मटेरियल का इस्तेमाल करने से कंपनी को कच्चे माल (Virgin raw materials) पर होने वाली ग्लोबल प्राइस वॉल्टिलिटी से राहत मिल सकती है, जिससे लंबे समय में प्रोडक्शन कॉस्ट कम होने की उम्मीद है।
मार्केट और स्टॉक का हाल
लगभग ₹586 करोड़ की मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर फिलहाल ₹159.40 के स्तर पर है, जो इसके 52-वीक हाई यानी ₹198.70 से लगभग 20% नीचे चल रहा है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स से कितना कचरा कलेक्ट कर पाती है और ऑपरेशंस के दौरान सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन कैसे करती है। खतरनाक मटेरियल के काम में रेगुलेटरी सख्ती बड़ी चुनौती हो सकती है, जिसे ट्रैक करना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है।
