Prism Johnson Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में EBITDA 241% उछला, शेयर की चमकी किस्मत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Prism Johnson Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में EBITDA 241% उछला, शेयर की चमकी किस्मत
Overview

Prism Johnson Limited ने Q3 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, और ये नतीजे काफी शानदार रहे हैं! कंपनी का EBITDA **241.4%** बढ़कर **₹158 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **5.9%** की बढ़ोतरी देखी गई है।

🚀 मुनाफे में आया बम्पर उछाल, जानिए वजह!

Prism Johnson Limited के लिए Q3 FY26 का नतीजा ज़बरदस्त रहा है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,759 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5.9% ज़्यादा है। वहीं, 9 महीने (9M FY26) के लिए रेवेन्यू ₹5,285 करोड़ रहा, जो 8.7% बढ़ा है।

लेकिन असली कमाल तो EBITDA में दिखा है! Q3 FY26 में EBITDA 241.4% की छलांग लगाकर ₹158 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल सिर्फ ₹46 करोड़ था। 9 महीने के दौरान EBITDA 100.7% बढ़कर ₹519 करोड़ हो गया। इस ज़बरदस्त ग्रोथ की मुख्य वजह मार्जिन में आई भारी बढ़ोतरी है। Q3 FY26 में EBITDA मार्जिन बढ़कर 9.0% हो गया, जबकि पिछले साल यह सिर्फ 2.8% था।

💰 नेट प्रॉफिट में भी बड़ा जम्प, पर थोड़ा कन्फ्यूजन भी!

Q3 FY26 में नेट प्रॉफिट ₹72 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3 करोड़ के मुकाबले काफी ज़्यादा है। हालांकि, इस प्रॉफिट में प्रॉपर्टी बेचने से ₹151.5 करोड़ का एक बड़ा 'एक्सेप्शनल गेन' (exceptional gain) और नए लेबर कोड से जुड़ा ₹39.8 करोड़ का 'एक्सेप्शनल लॉस' (exceptional loss) भी शामिल है।

📈 डेट घटा, कैश फ्लो सुधरा

कंपनी अपने फाइनेंस को भी मजबूत कर रही है। दिसंबर 2025 तक नेट डेट ₹816 करोड़ था, जो मार्च 2025 में ₹1,138 करोड़ था। नेट डेट टू EBITDA का अनुपात घटकर 0.9x और नेट डेट टू इक्विटी का अनुपात 0.5x हो गया है। H1 FY26 के लिए फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) ₹159 करोड़ रहा, और वर्किंग कैपिटल साइकल 40 दिन पर बना रहा।

🏗️ सेगमेंट परफॉर्मेंस: सीमेंट और RMC का जलवा

  • Prism Cement: इस सेगमेंट ने कमाल की रिकवरी दिखाई है। EBITDA प्रति टन पिछले साल ₹11 से बढ़कर ₹458 हो गया है। कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है, जिनका सेल्स में हिस्सा 57.5% है।
  • Prism RMC: यह सेगमेंट एक्सपेंशन के लिए तैयार है, खासकर कमर्शियल कंक्रीट और बड़े प्रोजेक्ट्स में। इसका ऑर्डर बुक करीब 11.5 लाख m³ है।
  • HRJ (H&R Johnson): कंपनी कॉस्ट कम करने और मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

🌍 आगे की राह और चुनौतियां

कंपनी इंडस्ट्री की मुश्किलों से निकलकर ग्रोथ की राह पर है। आगे चलकर कंपनी कॉस्ट कंट्रोल, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस करेगी। Prism Cement को सेंट्रल इंडिया में स्टेबल डिमांड का फायदा मिलेगा, लेकिन कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। HRJ ब्रांड को मजबूत करने और RMC नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी। कंपनी सस्टेनेबिलिटी और प्रोडक्ट इनोवेशन पर भी ध्यान दे रही है, जो इसके ESG कमिटमेंट को दिखाता है।

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