Prime Industries का बड़ा दांव: ₹11.47 करोड़ जुटाएगी कंपनी, EV और डिफेंस सेक्टर में एंट्री की तैयारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Prime Industries का बड़ा दांव: ₹11.47 करोड़ जुटाएगी कंपनी, EV और डिफेंस सेक्टर में एंट्री की तैयारी

Prime Industries Ltd ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देते हुए प्रिफरेंशियल इश्यू के जरिए **₹11.47 करोड़** जुटाने का फैसला किया है। कंपनी **27.30 लाख** नए शेयर **₹42** प्रति शेयर के भाव पर जारी करेगी। इस फंडरेज़िंग के साथ ही कंपनी अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), डिफेंस और न्यूक्लियर इंजीनियरिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में कदम रखने जा रही है।

बड़े निवेशकों की एंट्री

इस फंडरेज़िंग राउंड के जरिए शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। Omega Seiki Mobility के फाउंडर उदय नारंग इस इश्यू में प्रमुख निवेशक बनकर उभर रहे हैं। इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी मौजूदा 0.92% से बढ़कर 11.32% हो जाएगी। इसके अलावा, कुशल मुच्छल को भी शेयर जारी किए जाएंगे, जिससे उनकी हिस्सेदारी लगभग 1% हो जाएगी। इन प्रस्तावों को अभी शेयरधारकों और रेगुलेटरी मंजूरी की दरकार है। साथ ही, कंपनी ने अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹35 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने का भी प्रस्ताव रखा है।

नई राह: EV से लेकर डिफेंस तक

यह फंडरेज़िंग केवल पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़े बदलाव का संकेत है। Prime Industries अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और डिजाइनिंग के साथ-साथ न्यूक्लियर और डिफेंस सेक्टर के लिए जरूरी पुर्जों के निर्माण में उतर रही है।

पुरानी अधिग्रहणों का साथ

कंपनी ने हाल के वर्षों में अपनी रणनीति को आक्रामक तरीके से बदला है। साल 2023 में Kay Bouvet Engineering में 48.69% हिस्सेदारी खरीदना और 2025 में Linga Agri Trading and Machinery में 50.001% हिस्सेदारी के साथ उसे सब्सिडियरी बनाना, यह बताता है कि कंपनी पुरानी लाइनों से हटकर हैवी इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

शेयरधारकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस तरह के प्रिफरेंशियल इश्यू से इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) होता है। हालांकि ₹11.47 करोड़ की नकदी कंपनी के नए लक्ष्यों के लिए मददगार साबित होगी, लेकिन डिफेंस और न्यूक्लियर इंजीनियरिंग जैसे जटिल क्षेत्रों में सफलता पूरी तरह से कंपनी के एग्जीक्यूशन और तकनीकी क्षमता पर निर्भर करेगी। आने वाले क्वार्टर्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये नए बिजनेस रेवेन्यू में कितना योगदान दे पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.