Precision Wires India के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कंपनी के शेयरों ने **20%** की शानदार तेजी के साथ नया रिकॉर्ड हाई छू लिया है, जिसके पीछे कंपनी का मजबूत फाइनेंशियल प्रदर्शन और नए विस्तार प्रोजेक्ट्स हैं।
बाजार में मची हलचल
शुक्रवार के ट्रेडिंग सेशन में Precision Wires India के शेयरों में 20% का उछाल दर्ज किया गया, जिससे यह स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इस तेजी को वॉल्यूम का भी तगड़ा साथ मिला, जहां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कुल 87.9 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ।
क्यों बढ़ रहा है स्टॉक?
शेयरों की इस चमक के पीछे कंपनी के शानदार फाइनेंशियल नतीजे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 71.5% बढ़कर ₹46.45 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 60.4% की वृद्धि के साथ ₹1,770.48 करोड़ दर्ज किया गया। पावर, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों से मिल रही लगातार डिमांड का कंपनी को सीधा फायदा मिल रहा है।
विस्तार की आक्रामक रणनीति
कंपनी Zaroli में एक कॉपर रिसाइकिलिंग और रिफाइनिंग प्लांट लगाने के लिए ₹188 करोड़ का बड़ा निवेश कर रही है। इससे कंपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन की ओर बढ़ेगी, जिससे रॉ मटेरियल की लागत कम होगी और भविष्य में मुनाफे में सुधार होगा। साथ ही, सिलवासा फैसिलिटी में भी मॉडर्नाइजेशन का काम जोरों पर है।
फंड जुटाने की योजना
ग्रोथ और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी ₹150 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह पैसा 'कंपलसरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स' (CCDs) के जरिए जुटाया जाएगा, जिन्हें ₹400 प्रति शेयर के भाव पर इक्विटी में बदला जाएगा। इस पर फैसला 5 सितंबर, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में लिया जाएगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विकास की इस कहानी के बीच, निवेशकों को ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि कंपनी 'कन्वर्जन बेस्ड मॉडल' का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन प्रोजेक्ट्स में देरी या इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) जैसे रिस्क भी मौजूद हैं। निवेशकों के लिए अब EGM के नतीजे और नए प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन सबसे अहम मॉनिटरेबल पॉइंट्स हैं।
