Praj Industries के तिमाही नतीजों में गिरावट का दौर जारी रहा। कंपनी ने ₹123.9 मिलियन का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹411.0 मिलियन के मुनाफे से बड़ा झटका है। यह साल दर साल (YoY) मुनाफे में 130.15% की भारी कमी दर्शाता है।
📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण (The Numbers)
कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q3 FY26 में ₹8,414.8 मिलियन रहा, जो Q3 FY25 के ₹8,530.3 मिलियन की तुलना में 1.36% कम है। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) के मुकाबले रेवेन्यू लगभग स्थिर, यानी ₹8,416.3 मिलियन रहा।
एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹216.1 मिलियन रहा, जो पिछले साल के ₹588.2 मिलियन की तुलना में 63.26% की बड़ी गिरावट है। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) से 27.02% की गिरावट के साथ यह ₹296.1 मिलियन से घटकर ₹216.1 मिलियन हो गया।
नेट प्रॉफिट (PAT) के तौर पर कंपनी ₹123.9 मिलियन के लॉस में चली गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹411.0 मिलियन का मुनाफा था। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) में ₹192.8 मिलियन के मुनाफे से यह सीधा लॉस में तब्दील हो गया।
वहीं, 9 महीनों की अवधि (9M FY26) के लिए, रेवेन्यू ₹23,233.2 मिलियन रहा, जो पिछले साल से 1.90% कम है। PBT में 71.31% की भारी गिरावट आई और यह ₹608.3 मिलियन रहा, जबकि PAT 93.16% गिरकर सिर्फ ₹122.4 मिलियन रह गया।
🚩 मार्जिन पर दबाव और मैनेजमेंट का कहना
मुनाफे में आई यह तेज गिरावट कंपनी के मार्जिन पर भारी दबाव का संकेत देती है। हालांकि, कंपनी ने EBITDA, EBIT, मार्जिन और EPS जैसे खास नंबर्स को सीधे तौर पर नहीं बताया है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी के कारणों का विस्तृत विश्लेषण मुश्किल हो रहा है।
कंपनी के MD, मिस्टर आशीष गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि बाहरी माहौल चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने भविष्य को लेकर उम्मीद जताई है कि नए ट्रेड एग्रीमेंट्स और नए एनर्जी सेक्टर (जैसे बायोगैस, CCUS) पर सरकार के फोकस से कंपनी को फायदा होगा।
🚀 आगे की राह और ऑर्डर बैकलॉग
निवेशकों की नजर अब Praj Industries की क्षमता पर होगी कि वह प्रॉफिट में आई इस गिरावट को कैसे रोकती है और अपने मजबूत ऑर्डर बैकलॉग को मुनाफे में कैसे बदलती है।
कंपनी के पास 31 दिसंबर 2025 तक ₹44.9 बिलियन का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बैकलॉग है, जिसमें 66% डोमेस्टिक और 34% इंटरनेशनल ऑर्डर शामिल हैं। हाल ही में एक बड़े ग्लोबल ऑयल मेजर से CCUS स्किड ऑर्डर और एक बड़ी ब्रूअरी कॉन्ट्रैक्ट जैसे सफल सौदे कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
