ऑर्डर्स से मिली राहत, पर चिंताएं भी कम नहीं
Power Mech Projects Ltd को Adani Power की दो सब्सिडियरी कंपनियों से मिले ₹1,000 करोड़ के नए ऑर्डर्स ने शेयर में तुरंत पॉजिटिव रिएक्शन दिया है। ये दोनों ऑर्डर अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए हैं, जिनकी एग्जीक्यूशन टाइमलाइन 36 महीने की है। इससे कंपनी को अगले कुछ सालों के लिए रेवेन्यू की अच्छी खासी विजिबिलिटी मिली है।
वैल्यूएशन का पेंच और एनालिस्ट्स की राय
हालांकि, इन नए ऑर्डर्स के बावजूद, कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। वर्तमान शेयर प्राइस, जो ₹2,097 के आसपास है, अपने 52-सप्ताह के हाई ₹3,415 से काफी नीचे है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 20x है। हाल के दिनों में कई ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर अलग-अलग राय दी है। 3 फरवरी 2026 को MarketsMOJO ने वैल्यूएशन पैरामीटर्स को देखते हुए इसे 'Hold' रेटिंग दी थी, लेकिन 17 फरवरी 2026 को टेक्निकल इंडिकेटर्स और वैल्यूएशन में बदलाव का हवाला देते हुए रेटिंग को 'Sell' कर दिया। इससे पहले, जून 2025 में ICICI Securities ने भी मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद महंगी वैल्यूएशन के कारण 'Buy' से 'Hold' पर डाउनग्रेड किया था। यह ब्रोकरेज हाउसेज की अलग-अलग राय बताती है कि सिर्फ नए ऑर्डर जीतना ही मार्केट की धारणा को तय नहीं कर रहा है, बल्कि स्टॉक के मौजूदा भाव और टेक्निकल मोमेंटम को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर सेक्टर का झुकाव
इसके अलावा, कंपनी का थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स पर फोकस, तेजी से बदलते भारतीय एनर्जी सेक्टर के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी चुनौती पेश कर सकता है। जहां देश तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी (जैसे सोलर और विंड पावर) की ओर बढ़ रहा है, वहीं Power Mech Projects के नए ऑर्डर पारंपरिक थर्मल प्रोजेक्ट्स के लिए हैं। माना जा रहा है कि भारतीय EPC (Engineering, Procurement, and Construction) सेक्टर अगले कुछ सालों में 6.4% से 12.87% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ेगा, लेकिन इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के आधुनिकीकरण से आएगा। इस सेक्टर में NCC Ltd और GR INFRAPROJECTS जैसे कंपीटिटर्स कम P/E मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो संकेत देते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में कुछ अन्य स्टॉक्स ज्यादा आकर्षक वैल्यूएशन पर मिल सकते हैं।
बियरिश ट्रेंड और लॉन्ग-टर्म चुनौतियां
MarketsMOJO द्वारा हालिया 'Sell' रेटिंग, खराब होते टेक्निकल इंडिकेटर्स और वैल्यूएशन के बिगड़ते समीकरणों को दर्शाती है। ये सभी फैक्टर्स स्टॉक को बियरिश ट्रेंड (bearish trend) में धकेल सकते हैं। कंपनी का वर्तमान प्राइस अपने 52-हफ्ते के शिखर से काफी नीचे है और हाल के शॉर्ट-टर्म परफॉरमेंस ने मार्केट इंडेक्स से अंडरपरफॉर्म किया है। देश का 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल कैपेसिटी का लक्ष्य, थर्मल EPC कॉन्ट्रैक्ट्स की लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी पर सवाल खड़े करता है। साथ ही, ये बड़े ऑर्डर Adani Power की सब्सिडियरी से आना, कस्टमर डिपेंडेंसी को भी दर्शाता है। कंपनी के ROCE (23.65%) और ROE (14.30%) जैसे ऑपरेशनल मेट्रिक्स मजबूत हैं, लेकिन ये बियरिश टेक्निकल आउटलुक और हालिया डाउनग्रेड्स को रोक नहीं पाए हैं।
भविष्य की राह
आगे चलकर, अगले तीन सालों में Power Mech Projects के लिए अर्निंग्स और रेवेन्यू में क्रमशः लगभग 21.3% और 16.9% प्रति वर्ष की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, यह ग्रोथ फोरकास्ट, एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय और कोर बिजनेस एरिया में स्ट्रक्चरल चुनौतियों को ध्यान में रखकर देखना होगा। नए ऑर्डर्स से भले ही कुछ समय के लिए बूस्ट मिले, लेकिन ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के दौर में कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा क्या होगी, यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु रहेगा। ब्रोकरेज टारगेट्स में काफी भिन्नता है, जो स्टॉक की भविष्य की दिशा को लेकर अनिश्चितता को दर्शाती है। रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में अपनी सेवाओं को बढ़ाना कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस के लिए क्रिटिकल होगा।