Power Mech Projects का दमदार प्लान: ₹57,811 Cr के ऑर्डर और नए सेक्टर्स में बंपर ग्रोथ!
Power Mech Projects अपने भविष्य को लेकर काफी आक्रामक दिख रही है। कंपनी ने हाल ही में जारी की गई इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में बताया है कि उसका मौजूदा ऑर्डर बैकलॉग ₹57,811 करोड़ तक पहुंच गया है। इस मजबूत नींव पर खड़े होकर, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) तक ₹10,000 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।
यह सिर्फ नंबर्स की बात नहीं है, बल्कि कंपनी अपनी स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव कर रही है। Power Mech Projects अब इंटीग्रेटेड ईपीसी (EPC) डिलीवरी की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही, कंपनी तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर (जैसे सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम - BESS) और माइनिंग डेवलपमेंट एंड ऑपरेशंस (MDO) कॉन्ट्रैक्ट्स में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।
क्यों यह स्ट्रेटेजी है गेम-चेंजर?
कंपनी के इस कदम का सीधा मतलब है कि वह अब उन सेक्टर्स पर फोकस कर रही है जहाँ मार्जिन ज्यादा होता है और लगातार कमाई (Recurring Revenue Streams) की संभावना बनी रहती है। इतना बड़ा ऑर्डर बैकलॉग कंपनी को आने वाले समय में होने वाली कमाई (Revenue Visibility) का एक स्पष्ट अंदाज़ा देता है। रिन्यूएबल्स और MDO जैसे नए सेक्टर्स मल्टी-डिकेड रेवेन्यू पोटेंशियल (Multi-Decade Revenue Potential) के साथ आते हैं, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
कंपनी की पृष्ठभूमि
साल 1999 में स्थापित, Power Mech Projects ने दो दशकों से ज्यादा समय में खुद को पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज के क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाया है। कंपनी ने भारत और विदेशों में कई जटिल पावर प्लांट के कंस्ट्रक्शन (EPC) और उनके ऑपरेशन व मेंटेनेंस (O&M) प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
हाल के दिनों में, कंपनी रेलवे प्रोजेक्ट्स, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) वर्क और अब MDO व रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
अब क्या बदल रहा है?
Power Mech Projects अब सिर्फ कंस्ट्रक्शन पर निर्भर रहने की बजाय एक इंटीग्रेटेड BOP ईपीसी (EPC) और बीटीजी ईटीसी (BTG ETC) प्लेयर बनने की ओर बढ़ रही है। इससे कंपनी का अपने प्रोजेक्ट्स पर कंट्रोल बढ़ेगा और मार्जिन में भी सुधार होगा। सोलर और BESS प्रोजेक्ट्स से स्टेबल कैश फ्लो और आकर्षक IRRs की उम्मीद है, जबकि MDO कॉन्ट्रैक्ट्स माइनिंग सेक्टर में कंपनी की एग्जीक्यूशन स्ट्रेंथ का फायदा उठाएंगे।
कंपनी के लेटेस्ट नंबर्स
9 महीने (9M) के फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹3,950.84 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹3,409.12 करोड़ था। इसी तरह, कंसोलिडेटेड PAT (Profit After Tax) में 19% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹258.26 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹217.78 करोड़ था।
आगे क्या देखना होगा?
- FY26 के लिए ₹10,000 करोड़ के ऑर्डर इनफ्लो टारगेट की ओर कंपनी की प्रगति पर नजर रखें।
- सोलर प्रोजेक्ट्स (जून 2026 टारगेट) और BESS प्रोजेक्ट्स (अगस्त 2027 टारगेट) के कंप्लीशन टाइमलाइन्स को ट्रैक करें।
- MDO रेवेन्यू की स्केलिंग अप और ओवरऑल मार्जिन में इसके योगदान का मूल्यांकन करें।
- इंटीग्रेटेड ईपीसी और रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस की ओर कंपनी के स्ट्रेटेजिक मूव के एग्जीक्यूशन और फाइनेंशियल नतीजों का आंकलन करें।