Power Mech Projects: Adani से मिले ₹1,000 Cr के ऑर्डर, शेयर में तूफानी तेजी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Power Mech Projects: Adani से मिले ₹1,000 Cr के ऑर्डर, शेयर में तूफानी तेजी!
Overview

Power Mech Projects के शेयर आज रॉकेट की तरह भागे! कंपनी को Adani Power की सब्सिडियरी से **₹1,000 करोड़** से ज़्यादा के थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिसके चलते स्टॉक में **5.23%** तक की शानदार तेजी देखी गई। Q3 के नतीजे भी दमदार रहे।

Power Mech Projects के शेयर में बुधवार को गजब की रौनक दिखी। इंट्राडे में स्टॉक 5.23% चढ़कर ₹2,195 तक पहुंच गया, जो फरवरी की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है। इस तूफानी तेजी की वजह Adani Power की सब्सिडियरीज़ से मिले ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के बड़े ऑर्डर हैं।

Adani से मिले बड़े ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि उसे Mirzapur Thermal Energy (UP) Private Limited से ₹515 करोड़ और Mahan Energen Limited से ₹490 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। ये ऑर्डर 2x800 MW के अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए हैं। काम में साइट सर्विसेज, इरेक्शन, टेस्टिंग, कमीशनिंग और परफॉर्मेंस गारंटी टेस्ट शामिल हैं। इन्हें 'नोटिस टू प्रोसीड' मिलने के 36 महीनों में पूरा किया जाना है।

Q3 के नतीजे और कंपनी की पोजीशन

इन नए ऑर्डर्स के अलावा, कंपनी के Q3FY26 के नतीजे भी काफी मजबूत रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14.6% बढ़कर ₹93.99 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 6.1% बढ़कर ₹1,419.56 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल ₹6,600-₹6,900 करोड़ के आसपास है।

एनर्जी ट्रांजिशन का डबल एज

हालांकि, ये ऑर्डर कंपनी के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं, लेकिन Power Mech Projects एक ऐसे भारतीय ऊर्जा सेक्टर में काम कर रही है जो तेजी से बदल रहा है। भारत 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी का लक्ष्य लेकर चल रहा है, और रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। Crisil Ratings का अनुमान है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में बिजली उत्पादन में थर्मल पावर का हिस्सा 70% से नीचे चला जाएगा। Adani Power भी अपनी कुल कैपेसिटी को 2032 तक 41.87 GW तक बढ़ाने की योजना पर ₹2 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर कर रहा है, और अपने थर्मल प्लांट्स को रिन्यूएबल एनर्जी को इंटीग्रेट करने के लिए बैलेंसिंग पावर सोर्स के तौर पर इस्तेमाल करने की रणनीति बना रहा है।

वैल्यूएशन, ऑर्डर बुक और डाइवर्सिफिकेशन

वैल्यूएशन की बात करें तो, Power Mech Projects का ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 20-22x है। यह Kalpataru Projects International (लगभग 25.7x) और Engineers India (लगभग 19.99x) जैसे कुछ साथियों के बराबर या थोड़ा कम है, लेकिन Larsen & Toubro के 35.41x P/E से काफी कम है। कंपनी का ऑर्डर बुक 30 सितंबर 2024 तक लगभग ₹13,754 करोड़ का था, जो अगले तीन सालों की रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है। कंपनी माइन डेवलपर और ऑपरेटर (MDO) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे क्षेत्रों में भी डाइवर्सिफाई कर रही है।

चुनौतियां: रेगुलेटरी मुद्दे और भविष्य का जोखिम

तात्कालिक सकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद, Power Mech Projects को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। कंपनी अतीत में रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर चुकी है, जिसमें 2022 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक बड़ी रेड शामिल है, जो कथित कर चोरी से जुड़ी थी। इसके अलावा, कंपनी NTPC-BHEL Power Projects Private Limited और Sepco Electric Power Construction जैसी संस्थाओं के साथ कॉन्ट्रैक्ट क्लोजर और पेमेंट्स से जुड़े आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स और कानूनी विवादों में भी फंसी रही है।

रणनीतिक रूप से, कंपनी का मुख्य बिजनेस पारंपरिक थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स पर बहुत अधिक निर्भर है, जो भारत के रिन्यूएबल एनर्जी की ओर आक्रामक रुख के कारण लंबी अवधि में दबाव का सामना कर रहा है। हालांकि कंपनी डाइवर्सिफाई हो रही है, लेकिन BESS जैसे नए क्षेत्रों में उसकी एंट्री की गति और पैमाना, थर्मल EPC बिजनेस पर संभावित दीर्घकालिक दबाव को ऑफसेट करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

एनालिस्ट्स का नज़रिया

आगे की बात करें तो, एनालिस्ट्स Power Mech Projects को लेकर ज्यादातर पॉजिटिव बने हुए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, कंसेंसस रेटिंग ज्यादातर 'BUY' या 'Strong Buy' है, जिसमें 12 महीने के एवरेज प्राइस टारगेट ₹2,740 से लेकर ₹3,259.67 तक हैं। यह मौजूदा ट्रेडिंग लेवल्स से 30% से 56% तक के अपसाइड की ओर इशारा करता है। इस उम्मीद के पीछे कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक, एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटीज और बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन के प्रयास हैं। वर्तमान थर्मल प्रोजेक्ट्स का सफल एग्जीक्यूशन और एनर्जी स्टोरेज व माइनिंग ऑपरेशंस जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे विस्तार, भारत के बदलते ऊर्जा परिदृश्य में निरंतर ग्रोथ और नेविगेशन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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