मुनाफे में कैसे आई कंपनी, जब रेवेन्यू गिरा?
Power Grid Corporation के नतीजे बताते हैं कि नेट प्रॉफिट 9.7% बढ़कर ₹4,546 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 5% घटकर ₹11,666 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की EBITDA में 11.3% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा था।
इस अनोखे नतीजों की वजह कंपनी का शानदार कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) या अन्य स्त्रोतों से बढ़ी हुई आय मानी जा रही है। कंपनी के मुख्य ट्रांसमिशन बिज़नेस का रेवेन्यू 7.2% गिरकर ₹10,865.09 करोड़ रहा, वहीं कंसल्टेंसी बिज़नेस ने 60.4% की जबरदस्त छलांग लगाई और ₹830.53 करोड़ का रेवेन्यू दिया।
बाज़ार की प्रतिक्रिया और डिविडेंड
बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। 15 मई 2026 तक Power Grid का शेयर ₹305.90 के करीब ट्रेड कर रहा था, जिसमें 1.38% की मामूली बढ़त देखी गई। कंपनी के बोर्ड ने भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी बढ़ाने के इरादे से ₹5,000 करोड़ का रुपी टर्म-लोन (Rupee Term-Loan) मंजूर किया है। साथ ही, शेयरधारकों को ₹1.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी मिलेगा।
वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाएं
Valuation की बात करें तो, मई 2026 तक कंपनी का P/E रेश्यो (P/E Ratio) 19.36x रहा, जो पिछले 10 सालों के औसत 10.73x से काफी ऊपर है। यह REC (P/E 5.62x) और PFC (P/E 5.88x) जैसे प्रतिस्पर्धियों से भी ज़्यादा है।
भारतीय पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की उम्मीद है, जिसमें Power Grid Transmission Expansion Projects का अहम योगदान होगा। यह रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) को ग्रिड से जोड़ने के लिए ज़रूरी है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) में करीब ₹35,000 करोड़ का Capex करने की योजना बना रही है। सरकार के ₹12.2 लाख करोड़ के Capex प्लान से भी इसे मजबूती मिलेगी।
बाहरी जोखिम और एनालिस्ट की राय
कंपनी का Debt-to-Equity Ratio 1.41 है, जिसमें कुल डेट (Debt) ₹1,396.8 अरब और इक्विटी (Equity) ₹989.3 अरब है। EBITDA मार्जिन 77.7% से घटकर 83.3% रह गया, जो परिचालन लागत या मूल्य निर्धारण पर दबाव का संकेत देता है। बाहरी जोखिमों में मौसम परिवर्तन (जैसे La Niña से El Niño) शामिल हैं, जो पावर डिमांड और एनर्जी मिक्स को प्रभावित कर सकते हैं।
Analysts का नज़रिया मिला-जुला है, जिसमें 12-महीने के टारगेट प्राइस (Target Price) ₹269.67 से लेकर ₹459.70 तक हैं।