टैक्स के सहारे मुनाफा, ऑपरेशंस में गिरावट
सोमवार को Power Grid Corporation के शेयर 4% तक गिर गए और BSE पर ₹293.45 का इंट्राडे लो बनाया। इसकी मुख्य वजह कंपनी की Q4 FY26 अर्निंग्स रिपोर्ट रही, जिसमें रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) 4.9% घटकर ₹11,665.61 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, नेट प्रॉफिट 9.7% बढ़कर ₹4,546.33 करोड़ रहा। इस प्रॉफिट बूस्ट का श्रेय ₹5,280 करोड़ के एक बड़े डिफर्ड टैक्स एसेट (Deferred Tax Asset) को जाता है, जिसे नए टैक्स रेजीम नियमों के तहत पहचाना गया है।
ब्रोकरेज की चिंता: EBITDA पर भारी गिरावट
विश्लेषकों ने इस बात पर गौर किया है कि कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) साल-दर-साल 19% तक गिर गया, जो उम्मीदों से काफी कम है। Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक, रेवेन्यू उनके अनुमान से 19% कम रहा, जबकि EBITDA 31% नीचे था। JM Financial ने भी बताया कि रिपोर्ट किया गया प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) एक 'ऑप्टिकल' गेन था, जो टैक्स और रेगुलेटरी एडजस्टमेंट के कारण आया, जबकि EBITDA मार्जिन में भारी कमी देखी गई।
कॉम्पिटिशन और ग्रोथ की चिंताएं
Power Grid के मुख्य ट्रांसमिशन बिजनेस को मुश्किल बाजार का सामना करना पड़ रहा है। Adani Transmission (जो लगभग 40x P/E पर ट्रेड कर रहा है) और Tata Power (लगभग 30x P/E पर) जैसे पीयर्स की तुलना में, Power Grid का लगभग 25x P/E बताता है कि निवेशक पहले से ही ग्रोथ की चिंताओं को स्टॉक में शामिल कर चुके हैं। कंपनी की कंसिस्टेंट ऑर्गेनिक ग्रोथ (organic growth) की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भविष्य का रास्ता: टैक्स के बाहर क्या?
भविष्य को देखते हुए, विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि Power Grid नए टैक्स नियमों और भविष्य की अर्निंग्स की स्पष्टता को कैसे संभालता है। भले ही सरकार की मेजोरिटी ओनरशिप है, लेकिन बड़े डिफर्ड टैक्स एसेट और रेगुलेटरी एडजस्टमेंट पर निर्भरता यह दर्शाती है कि असल ऑपरेशनल विस्तार सीमित है। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹9 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, लेकिन मार्केट फिलहाल डिविडेंड से ज्यादा अंडरलाइंग ऑपरेशनल हेल्थ को महत्व दे रहा है।