कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट 9.7% की बढ़त के साथ ₹4,546.3 करोड़ रहा, जिसने बाजार की उम्मीदों को पार कर लिया। मगर, इस अच्छी खबर के साथ कुछ चिंता वाली बात भी सामने आई है। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 5% गिरकर ₹11,666 करोड़ पर पहुंच गया।
EBITDA और मार्जिन पर असर
इसके अलावा, EBITDA में 11.3% की गिरावट देखी गई, जिससे EBITDA मार्जिन घटकर 77.7% रह गया, जबकि पिछले साल यह 83.3% था। यह दर्शाता है कि मुनाफे में वृद्धि टॉप-लाइन ग्रोथ के बजाय लागत में की गई किफायत (cost efficiencies) के कारण संभव हुई है।
डिविडेंड और फंड जुटाने की योजना
कंपनी ने ₹1.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (dividend) प्रस्तावित किया है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के बोर्ड ने ₹5,000 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड जुटाने का काम अनसिक्योर्ड टर्म लोन (unsecured term loans) के जरिए किया जाएगा और यह कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditures) या वित्तीय मजबूती के लिए हो सकता है।
शेयर परफॉरमेंस और वैल्यूएशन
इन नतीजों के बीच, शुक्रवार को Power Grid के शेयर NSE पर 1.24% चढ़कर ₹305.50 पर बंद हुए। कंपनी का मौजूदा P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो लगभग 19.0x है, जो NTPC (~20.0x), Tata Power (~34.0x) और Adani Power (~33.0x) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में एक मॉडरेट वैल्यूएशन दिखाता है।
कर्ज और एनालिस्ट्स की राय
हालांकि, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) रेश्यो करीब 1.4x है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर इस स्टॉक को लेकर पॉजिटिव हैं और उनका 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹310 से ₹340 के बीच है।
चुनौतियाँ और भविष्य का आउटलुक
मुख्य ट्रांसमिशन सेगमेंट में रेवेन्यू में 7.2% की गिरावट नए प्रोजेक्ट हासिल करने या प्रतिस्पर्धी टैरिफ (tariff) दबाव के बारे में सवाल खड़े करती है। ₹5,000 करोड़ की फंडरेजिंग कंपनी के कर्ज का बोझ बढ़ा सकती है। FY27 के लिए Power Grid Corporation का आउटलुक (outlook) महत्वपूर्ण होगा। भारत की अनुमानित 4-5% पावर डिमांड ग्रोथ एक पॉजिटिव मैक्रो एनवायरनमेंट (macro environment) प्रदान करती है, लेकिन कंपनी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह इस ग्रोथ को रेवेन्यू में कैसे बदल पाती है और आधुनिकीकरण (modernization) व ग्रिड इंटीग्रेशन (grid integration) की चुनौतियों के बीच प्रॉफिटेबिलिटी कैसे बनाए रखती है।