नतीजों का लेखा-जोखा
Q3 FY26 में Power Grid Corporation का कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 7% बढ़कर ₹12,599 करोड़ रहा। इसी तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 8% बढ़कर ₹4,185 करोड़ दर्ज हुआ, जबकि EBITDA में 6% की मजबूती देखी गई और यह ₹10,738 करोड़ रहा।
पिछले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 2% की मामूली बढ़त के साथ यह ₹35,714 करोड़ रहा। हालांकि, इस अवधि में EBITDA में 1% की गिरावट आई जो ₹29,846 करोड़ रहा, और PAT ₹11,382 करोड़ पर सपाट बना रहा (0% YoY).
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें तो, Q3 FY26 में टोटल इनकम 7% बढ़कर ₹12,436 करोड़ और PAT 7% बढ़कर ₹4,160 करोड़ रहा। पहले नौ महीनों में स्टैंडअलोन टोटल इनकम 4% बढ़कर ₹35,041 करोड़ और PAT 3% बढ़कर ₹11,368 करोड़ दर्ज किया गया।
मुख्य वजहें और ग्रोथ ड्राइवर्स
कंपनी के रेवेन्यू में ग्रोथ का एक बड़ा कारण कंसल्टेंसी सर्विसेज सेगमेंट रहा, जिसने Q3 FY26 में 105% और 9MFY26 में 175% की ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की। वहीं, 'Other Income' में भारी गिरावट देखी गई, जो Q3 में 60% और 9MFY26 में 52% YoY कम रही।
कंपनी के ग्रॉस फिक्स्ड एसेट्स (Gross Fixed Assets) अब ₹3 ट्रिलियन के पार निकल गए हैं, जो ₹3,04,336 करोड़ पर पहुंच गए हैं, और इसमें 5.3% की YoY ग्रोथ देखी गई है। Capital Work-in-Progress (CWIP) में भी प्रभावशाली 69% की YoY बढ़ोतरी हुई, जो ₹50,173 करोड़ पर पहुंच गया है। कंसोलिडेटेड डेट (Debt) 10.6% बढ़कर ₹1,43,077 करोड़ हुआ, जबकि नेट वर्थ (Net Worth) 8% बढ़कर ₹98,906 करोड़ रहा, जिससे डेट टू इक्विटी रेशियो (Debt to Equity ratio) 59:41 पर स्थिर बना हुआ है।
कैपेक्स गाइडेंस में बड़ा उछाल और भविष्य की राह
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट के भरोसे को दिखाते हुए FY26 के लिए कैपेक्स (Capex) गाइडेंस को ₹28,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹32,000 करोड़ कर दिया है। इसी तरह, कैपिटलाइजेशन गाइडेंस को ₹20,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹22,000 करोड़ किया गया है।
यह बढ़ी हुई गाइडेंस भारत की एनर्जी ट्रांज़िशन (energy transition), आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) व ग्रीन हाइड्रोजन (green hydrogen) की बढ़ती मांग से प्रेरित है। कंपनी को रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन, एनर्जी स्टोरेज और ग्लोबल एनर्जी इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ के नए अवसर दिख रहे हैं। कंपनी के पास जनवरी 2026 तक ₹1,45,513 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का एक मजबूत पाइपलाइन तैयार है।
जोखिम और आगे की रणनीति
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे कुशल श्रमिकों की उपलब्धता, जमीन अधिग्रहण में दिक्कतें और नियामक मंजूरी मिलने में देरी। 'Other Income' में गिरावट और 9MFY26 EBITDA में मामूली कमी पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।
कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षेत्र में प्रवेश और केन्या में अंतरराष्ट्रीय विस्तार जैसी रणनीतिक पहलों पर भी काम कर रही है। यह कंपनी के भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण और परिचालन दक्षता को दर्शाता है।