रिकॉर्ड रेवेन्यू के साथ मार्जिन पर दबाव
Polycab India ने फाइनेंसियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए ₹8,860 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पेश किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.9% अधिक है। केबल्स और वायर्स (C&W) सेगमेंट और फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) में मजबूत परफॉर्मेंस के दम पर कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है।
हालांकि, इस रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिट मार्जिन पर भी काफी दबाव देखा गया। कंसोलिडेटेड EBITDA में 13.3% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,160 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में मात्र 6.3% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹770 करोड़ तक पहुंचा। इससे साफ है कि मुनाफा रेवेन्यू की रफ्तार से पिछड़ गया। कंसोलिडेटेड ग्रॉस, EBITDA, और PAT मार्जिन में 205, 158, और 168 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी गई। मैनेजमेंट ने इसके पीछे बड़े इंस्टीट्यूशनल सेल्स, मिडिल ईस्ट के मुद्दों के कारण कमजोर एक्सपोर्ट्स और सॉफ्ट ऑपरेटिंग लीवरेज जैसे कारणों का हवाला दिया है।
इन मार्जिन चुनौतियों के बावजूद, Polycab के शेयर की कीमत NSE पर 6 मई 2026 को 0.94% की तेजी के साथ ₹8,415.50 पर बंद हुई, जो अपने 52-हफ्ते के उच्च स्तर ₹8,724.35 के करीब है।
विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स का प्रदर्शन
केबल्स और वायर्स (C&W) सेगमेंट ने रेवेन्यू में करीब 29% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,760 करोड़ का योगदान दिया, लेकिन मार्जिन पर दबाव के कारण इसका EBITDA मार्जिन 2 प्रतिशत घटकर 13% हो गया। फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) बिजनेस में 39% की शानदार तेजी देखी गई और रेवेन्यू ₹660 करोड़ रहा। FMEG का EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत बढ़कर करीब 4% हो गया, जो बेहतर एफिशिएंसी और प्रोडक्ट मिक्स का संकेत है। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में प्रोजेक्ट टाइमिंग और कम मार्जिन वाले काम से दूरी बनाने के चलते रेवेन्यू में करीब 9% की गिरावट आई और यह ₹450 करोड़ रहा।
पूरे फाइनेंसियल ईयर 2026 के लिए, कुल रेवेन्यू ₹2,88,837.92 करोड़ और PAT ₹2,708.43 करोड़ रहा, जो पिछले साल से क्रमशः 29% और 32% अधिक है। फुल-ईयर EBITDA मार्जिन 13.9% रहा।
प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले वैल्यूएशन
Polycab India का ट्रेलिंग बारह मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 47-48x है, जो इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों Havells India (46-59x) और KEI Industries (52-55x) के समान है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹1.26 लाख करोड़ है।
ग्रोथ सस्टेनेबिलिटी और मार्जिन पर चिंताएं
एनालिस्ट्स के बावजूद, कुछ फैक्टर चिंता बढ़ाते हैं। मैनेजमेंट द्वारा मार्जिन दबाव के कारण बताए गए - बढ़ी हुई इंस्टीट्यूशनल सेल्स और मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन समस्याओं के कारण कमजोर एक्सपोर्ट्स - कंपनी को बाहरी कारकों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। जनवरी 2024 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड के बाद ₹1,000 करोड़ की अनअकाउंटेड कैश सेल्स और अन्य फाइनेंशियल इरेगुलैरिटीज़ के आरोप भी कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रहे हैं।
एनालिस्ट्स के व्यूज और सेक्टर टेलविंड्स
मार्जिन की चिंताओं के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स Polycab के लॉन्ग-टर्म आउटलुक को लेकर पॉजिटिव हैं। Motilal Oswal और ICICI Securities ने प्राइस टारगेट बढ़ाए हैं, जो 16% तक का अपसाइड दिखा रहे हैं। Motilal Oswal को FY26-28 में रेवेन्यू और EBITDA में 19% CAGR ग्रोथ की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि Polycab डेटा सेंटर्स, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में मजबूत डिमांड से लाभान्वित होगा।
भारतीय केबल्स और वायर्स सेक्टर में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य, 5G रोलआउट और EV एडॉप्शन जैसे कारकों से 12-15% CAGR की ग्रोथ अपेक्षित है। ये सकारात्मक आर्थिक कारक Polycab का समर्थन करते हैं, लेकिन कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ को मजबूत प्रॉफिट में बदलने की क्षमता इसके मौजूदा वैल्यूएशन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
