Paras Defence & Space Technologies Ltd. ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग सेक्टर में लगातार बनी हुई मांग, सरकारी 'मेक इन इंडिया' पहल और कंपनी के सॉलिड ऑर्डर बुक के दम पर रेवेन्यू में 58.3% का प्रभावशाली इजाफा हुआ, जो ₹171.3 करोड़ पर पहुंच गया। इस रेवेन्यू ग्रोथ ने कंपनी के नेट प्रॉफिट को 74.3% की छलांग लगवाकर ₹34.4 करोड़ के स्तर पर पहुंचा दिया।
जहां रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़त अच्छी खबर है, वहीं कंपनी के मार्जिन पर थोड़ा दबाव देखने को मिला। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 26.1% से घटकर 24.9% रह गया। इस दौरान, कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जो कि यह दूसरा डिविडेंड पेआउट है। हालांकि, 0.06% का डिविडेंड यील्ड काफी कम है।
Paras Defence के शेयर ने इस साल अब तक लगभग 25% की तेजी दिखाई है, और कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹70 अरब है। इसका P/E रेश्यो 90x के आसपास है, जो कि कुछ बड़े खिलाड़ियों जैसे Hindustan Aeronautics Ltd. (HAL) (35x) और Bharat Electronics Ltd. (BEL) (52x) की तुलना में काफी ज्यादा है, हालांकि Data Patterns (94x) के साथ यह लगभग बराबर है। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने 'Sell' रेटिंग के साथ शेयर के लिए ₹665 का टारगेट भी दिया है, जो मौजूदा भाव से काफी कम है। हाल ही में शेयर अपने ₹1,300 के 2025 के हाई से नीचे आया है।
सरकार द्वारा डिफेंस पर बढ़ते खर्च (₹7.86 लाख करोड़ का अनुमानित बजट) और अनुकूल नीतियों के चलते भारतीय डिफेंस सेक्टर के लिए भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है। Paras Defence का मैनेजमेंट अपने विशाल ऑर्डर बुक के बल पर आगे की ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है। अब देखना यह होगा कि कंपनी किस तरह से मार्जिन की घटती प्रवृत्ति को रोकती है और अपने ऑर्डर बुक को टिकाऊ, लाभदायक ग्रोथ में बदल पाती है।
