ब्रोकरेज की चिंता और ऊंचे दाम
Market के बड़े ब्रोकरेज हाउस जैसे HSBC और Macquarie का मानना है कि पेंट इंडस्ट्री में अभी रिकवरी धीमी रहने वाली है। वे इंडस्ट्री की कुछ स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम्स (Structural Problems) और कम मांग (Muted Demand) का हवाला दे रहे हैं। लेकिन, इन सब के बावजूद, मार्केट में पेंट स्टॉक्स के दाम (Valuations) आसमान पर हैं।
कहीं वैल्यूएशन का जाल तो नहीं?
Asian Paints के शेयर का trailing twelve-month (TTM) P/E रेश्यो लगभग 51.4 से 62.40 के बीच है, जबकि ऐतिहासिक तौर पर इसका median P/E 62.45 रहा है। इसका मतलब है कि निवेशक कमाई के मुकाबले काफी ज्यादा प्रीमियम देने को तैयार हैं। Berger Paints का P/E रेश्यो भी 40.9 से 53.61 के आसपास चल रहा है। Kansai Nerolac थोड़ा सस्ता है, जिसका P/E करीब 27.6 से 28.44 है। ये ऊंचे वैल्यूएशन तब हैं जब Asian Paints के मुनाफे में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 14.4% की गिरावट आई है, और Berger Paints का परफॉरमेंस भी स्थिर (flat) रहा है।
नई एंट्री से बढ़ा कॉम्पिटिशन
Grasim Industries की नई ब्रांड Birla Opus ने पेंट मार्केट में तहलका मचा दिया है। लॉन्च के बाद ही इसने डेकोरेटिव पेंट सेगमेंट में करीब 10% मार्केट शेयर (Market Share) हासिल कर लिया है और यह Q4 FY25 के हिसाब से एग्जिट रन रेट पर तीसरा सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है। Grasim मार्च 2025 तक इस सेगमेंट में ₹9,375 करोड़ का भारी इन्वेस्टमेंट करने वाली है, जिससे कॉम्पिटिशन और बढ़ गया है।
एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई
जहां HSBC और Macquarie जैसी ब्रोकरेज फर्म्स सतर्क (cautious) हैं, वहीं बाकी एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। UBS ने दिसंबर 2025 में Asian Paints की रेटिंग 'Sell' से बढ़ाकर 'Neutral' कर दी थी। CLSA ने Asian Paints पर 'Underperform' की राय बरकरार रखी है। MarketsMojo ने तो Berger Paints को महंगे वैल्यूएशन और क्वालिटी Concerns के चलते 'Sell' रेटिंग दे दी है।
आगे क्या?
रियल एस्टेट सेक्टर, जो पेंट की डिमांड का एक बड़ा ड्राइवर है, उसमें भी मिले-जुले संकेत हैं। 2025 में हाउसिंग सेल्स थोड़ी गिरी है, लेकिन रीडेवलपमेंट और प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग से 2026 में कुछ सुधार की उम्मीद है। ऐसे में, पेंट कंपनियों की रिकवरी कैसी होगी, ये देखना बाकी है। निवेशकों को ऊंचे वैल्यूएशन और बढ़ती महंगाई के बीच सोच-समझकर फैसला लेना होगा।