सऊदी से बड़ा ऑर्डर, फिर भी शेयर में गिरावट?
Pace Digitek की सब्सिडियरी, Lineage Power Private Limited, ने Saudi Arabia की Yaqin Chem के साथ $1.35 मिलियन का परचेज ऑर्डर साइन किया है। इस डील के तहत चार मोबाइल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई की जानी है, जिनकी डिलीवरी अप्रैल 2026 तक पूरी होगी। यह अंतरराष्ट्रीय डील कंपनी के बढ़ते बिज़नेस का हिस्सा है, क्योंकि हाल ही में इसे Bharat Sanchar Nigam Ltd (BSNL) से ₹94.35 करोड़ का एडवांस परचेज ऑर्डर और Bondada Engineering Limited से ₹375.7 करोड़ का सोलर EPC कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था। इन बड़े ऑर्डर्स के बावजूद, 18 फरवरी को Pace Digitek के शेयर NSE पर 1.52% की गिरावट के साथ ₹183.20 पर बंद हुए। यह मार्केट रिएक्शन निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
BESS मार्केट की चुनौतियां
भारत का एनर्जी स्टोरेज मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और अनुमान है कि 2026 तक BESS इंस्टॉलेशन लगभग 5 GWh तक पहुंच जाएगा। Pace Digitek इस सेक्टर में दुनिया में तीसरे नंबर पर है, जो एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है। हालांकि, इस सेक्टर में भारी कॉम्पिटिशन और आक्रामक बिडिंग का माहौल है। कई बार, बिड प्राइस इतनी कम हो जाती है कि वे स्टोरेज एसेट्स की असली लाइफसाइकिल कॉस्ट को ठीक से नहीं दिखा पातीं। इसी वजह से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। Pace Digitek ने Q3 FY2026 में 18.3% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 21.4% से कम है। इसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट मिक्स और नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन फेज को बताया गया है। Amara Raja Group और EnerSys जैसी कंपनियां भी इस सेक्टर में बड़ी खिलाड़ी हैं। सऊदी ऑर्डर की लंबी डिलीवरी टाइमलाइन (अप्रैल 2026) भी निवेशकों के तत्काल उत्साह को कम कर सकती है।
क्या वैल्यूएशन पर सवाल?
Pace Digitek के ऑपरेशनल मेट्रिक्स, जैसे 3-साल का ROE 31.5% और ROCE 40% से ऊपर, काफी मजबूत दिखते हैं। लेकिन, एक एनालिसिस के अनुसार, कंपनी का शेयर 'Expensive' यानी महंगा माना जा रहा है, जबकि ग्रोथ और क्वालिटी रेटिंग 'Poor' बताई गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन कंपनी के फंडामेंटल परफॉरमेंस के साथ पूरी तरह मेल नहीं खा रहा। इसके अलावा, चीन द्वारा बैटरी प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट VAT रिबेट को 2027 तक वापस लेना और कच्चे माल की बढ़ती कीमतें भविष्य में कॉस्ट मैनेजमेंट को और मुश्किल बना सकती हैं। BESS मार्केट में लगातार कम हो रही कीमतें और कम मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स की ओर झुकाव, नए ऑर्डर्स की लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी पर चिंताएं बढ़ाता है। फरवरी 2026 की शुरुआत में कर्नाटक में एक बड़े सोलर और BESS प्रोजेक्ट (₹1775 करोड़) का ऑर्डर मिलने के बावजूद, मार्केट की सुस्त प्रतिक्रिया और शेयर में 1.52% की गिरावट, यह दिखाती है कि निवेशक कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता और मार्जिन सस्टेनेबिलिटी को लेकर थोड़े आशंकित हैं।
एनालिस्ट्स का नजरिया
इन छोटी-मोटी मार्केट चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स का Pace Digitek पर भरोसा काफी हद तक सकारात्मक बना हुआ है। ब्रोकरेज हाउसेज ने 'BUY' रेटिंग दी है और ₹263.00 का एवरेज टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से लगभग 45.53% के पोटेंशियल अपसाइड का संकेत देता है। कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भारतीय मार्केट के मुकाबले बेहतर, यानी 16.4% सालाना रहने की उम्मीद है। BESS सेक्टर पर कंपनी का रणनीतिक फोकस और लगातार बढ़ता ऑर्डर बुक भविष्य में वैल्यू क्रिएशन का संकेत देता है। हालांकि, इस क्षमता को हकीकत में बदलने के लिए कंपनी को मार्जिन प्रेशर, एग्जीक्यूशन टाइमलाइन को मैनेज करने और इस तेजी से बदलते ग्लोबल एनर्जी स्टोरेज मार्केट में अपनी कॉम्पिटिटिव पोजीशन बनाए रखने जैसी चुनौतियों से निपटना होगा।