PVV Infra ने मध्य प्रदेश में DBOT मॉडल के तहत दो वे-साइड एमिनिटी साइट्स का अधिग्रहण कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य 2028 के सिहस्त कुंभ मेले से जुड़ी डिमांड को भुनाना है, हालांकि **₹2.49 करोड़** का वार्षिक लीज खर्च कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
PVV Infra Ltd ने 27 अक्टूबर, 2026 को मध्य प्रदेश में धनोडिया और डबरा में स्थित दो हाईवे साइट्स का फिजिकल पजेशन ले लिया है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) से मिली ये साइट्स अब कंपनी के विस्तार का मुख्य केंद्र होंगी। कंपनी अब इन साइट्स पर इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन वर्क शुरू करने की तैयारी में है।
कुंभ मेले पर कंपनी की नजर
इन साइट्स का कुल क्षेत्रफल 7.09 हेक्टेयर है, जहां फ्यूल स्टेशन, EV चार्जिंग पॉइंट और रेस्ट एरिया जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कंपनी का मुख्य फोकस धनोडिया साइट पर है, जिसे 2028 के उज्जैन सिहस्त पूर्ण कुंभ मेले के समय तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, डबरा साइट को NH-44 लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर कमर्शियल और पैसेंजर ट्रैफिक को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है।
फाइनेंशियल रिस्क और चिंताएं
निवेशकों को इस प्रोजेक्ट के फाइनेंशियल पहलुओं पर गौर करना होगा। इस लीज एग्रीमेंट के तहत कंपनी को हर साल लगभग ₹2.49 करोड़ का किराया देना होगा। शेयरधारकों के लिए चुनौती यह है कि कंपनी इन साइट्स से इतना रेवेन्यू कैसे जुटाएगी कि फिक्स्ड लीज कॉस्ट भी निकल जाए और नेट प्रॉफिट में भी सुधार दिखे।
साथ ही, कंपनी की पिछली परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो ऑपरेटिंग मार्जिन और नेगेटिव कैश फ्लो लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। इसके अलावा, प्रमोटर होल्डिंग का 21.5% पर होना भी निवेशकों के लिए सतर्क रहने का एक बड़ा संकेत है, क्योंकि कम प्रमोटर हिस्सेदारी कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स में वित्तीय लचीलेपन को सीमित कर सकती है। अब देखना यह होगा कि कंपनी कितनी तेजी से निर्माण कार्य पूरा करती है और जरूरी स्टैच्यूटरी अप्रूवल हासिल कर पाती है।
