PSP Projects Share Price: तिमाही नतीजों में बंपर उछाल, पर 9 महीनों में हुआ भारी नुकसान! जानें वजह

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PSP Projects Share Price: तिमाही नतीजों में बंपर उछाल, पर 9 महीनों में हुआ भारी नुकसान! जानें वजह
Overview

PSP Projects ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में शानदार **252.9%** की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। वहीं, कंपनी के नौ महीने (9M FY26) के प्रदर्शन में नेट प्रॉफिट में **31.1%** की गिरावट देखी गई है।

Q3 में कैसा रहा प्रदर्शन?

PSP Projects Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशंस 29.0% बढ़कर ₹81,279.36 लाख हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹63,021.01 लाख था। सबसे खास बात यह रही कि नेट प्रॉफिट में 252.9% का इजाफा हुआ और यह ₹1,783.38 लाख पर पहुंच गया, जो कि पिछले साल की इसी अवधि में ₹505.31 लाख था। कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) भी 253.9% बढ़कर ₹4.53 हो गया।

स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर भी प्रदर्शन मजबूत रहा, जहां Q3 FY26 में रेवेन्यू 23.8% बढ़कर ₹77,122.17 लाख रहा और नेट प्रॉफिट 164.2% उछलकर ₹1,605.62 लाख हो गया। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 15.6% और नेट प्रॉफिट में 10.3% की वृद्धि दर्ज की गई।

9 महीनों में क्या हुआ?

जहां तिमाही के नतीजे उत्साहजनक रहे, वहीं साल के पहले नौ महीनों (9M FY26) का प्रदर्शन एक अलग तस्वीर पेश करता है। इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशंस में 10.6% की मामूली वृद्धि के साथ ₹2,03,342.16 लाख दर्ज किया गया। लेकिन, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 31.1% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹3,442.24 लाख रहा, जो कि पिछले साल की समान अवधि में ₹4,995.48 लाख था। कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस में भी 31.1% की गिरावट देखी गई।

स्टैंडअलोन प्रदर्शन भी इसी रुझान के अनुरूप रहा, जहां नौ महीनों में रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट 39.6% गिरकर ₹3,113.15 लाख रह गया।

क्या हैं चिंताएं?

इन नतीजों में ईबीआईटीडीए (EBITDA), ईबीआईटी (EBIT) या प्रॉफिट मार्जिन जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़े नहीं दिए गए हैं, जिससे यह समझना मुश्किल हो रहा है कि तिमाही और नौ महीने के नतीजों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है। हालांकि, कंपनी ने इस तिमाही में 4 लेबर कोड्स (Labour Codes) के प्रभावी होने का जिक्र किया है, जिसने Q3 के प्रॉफिट को प्रभावित किया हो सकता है, पर नौ महीने के प्रदर्शन पर इसका असर स्पष्ट नहीं है। मैनेजमेंट की ओर से विस्तृत टिप्पणी या गाइडेंस भी नदारद है, जो विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय है।

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