PPAP Automotive Share: निवेशकों को बड़ा झटका! **96%** लुढ़का मुनाफा, EPS हुआ नेगेटिव

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PPAP Automotive Share: निवेशकों को बड़ा झटका! **96%** लुढ़का मुनाफा, EPS हुआ नेगेटिव
Overview

PPAP Automotive के शेयरधारकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी का **कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट** पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले **95.9%** गिरकर सिर्फ **₹0.07 करोड़** रह गया है। साथ ही, **EPS** **₹(1.39)** के साथ नेगेटिव जोन में चला गया है।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

PPAP Automotive Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो कि चिंताजनक हैं।

स्टैंडअलोन (Standalone) आंकड़े:

  • तिमाही 3 (Q3 FY26): कंपनी का रेवेन्यू ₹128.65 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 5.0% कम है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 76.2% की भारी गिरावट आई और यह ₹0.79 करोड़ पर आ गया। बेसिक ईपीएस (EPS) घटकर ₹0.56 रह गया, जो पिछले साल ₹2.36 था।
  • नौ महीने (9M FY26): इस अवधि में रेवेन्यू ₹372.83 करोड़ रहा (पिछले साल से -5.7%)। नेट प्रॉफिट 77.1% घटकर ₹2.36 करोड़ पर आ गया, और ईपीएस ₹1.67 रहा (पिछले साल ₹7.32 था)।

कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आंकड़े:

  • तिमाही 3 (Q3 FY26): इस तिमाही में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू लगभग सपाट रहा, ₹139.31 करोड़ (-0.1% YoY)। लेकिन, नेट प्रॉफिट में 95.9% की भारी गिरावट दर्ज हुई और यह ₹0.07 करोड़ पर सिमट गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बेसिक ईपीएस ₹(1.39) के साथ नेगेटिव हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹16.19 था।
  • नौ महीने (9M FY26): नौ महीनों के दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹392.47 करोड़ रहा (-3.5% YoY)। इस अवधि में कंपनी को ₹2.25 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹4.58 करोड़ का मुनाफा (Profit) था। ईपीएस भी ₹(1.59) पर आ गया (पिछले साल ₹3.24 था)।

क्या है मामला?

कंपनी ने इसी तिमाही में अपने ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) PPAP Tokai India Rubber Private Limited में अपनी 50% हिस्सेदारी अपने पार्टनर Tokai Kogyo Co. Ltd. को ₹100 करोड़ नकद में बेच दी है। यह डील नतीजों के साथ ही सामने आई है। हालांकि ₹100 करोड़ का यह कैश इनफ्लो (Cash Inflow) कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ाएगा, लेकिन यह ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी में आई भारी गिरावट, खासकर नौ महीने के कंसॉलिडेटेड लॉस और तिमाही के नेगेटिव ईपीएस को संभालने में नाकाफी दिख रहा है।

आगे क्या?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी में आई इस भारी गिरावट को रोक पाएगी और मुनाफे की राह पर वापस लौट पाएगी। कंसॉलिडेटेड ईपीएस का नेगेटिव होना और नौ महीने का लॉस बड़े खतरे के संकेत हैं। अब सबकी नजर मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी पर होगी कि कैसे ऑपरेशनल परफॉरमेंस सुधरता है। बाजार की प्रतिक्रिया संभवतः इस बड़े प्रॉफिट फॉल पर केंद्रित रहेगी, न कि डिवेस्टमेंट से मिले एकमुश्त कैश पर।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.