PNC Infratech के शेयरों में आज भारी गिरावट देखने को मिली। NHAI ने कंपनी को **3 साल** के लिए नए प्रोजेक्ट्स की बिडिंग से बैन कर दिया है, जिसके चलते स्टॉक **20%** टूटकर लोअर सर्किट पर आ गया है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में स्ट्रक्चरल खामियों के चलते NHAI ने कड़ा कदम उठाते हुए PNC Infratech को अगले 3 साल के लिए किसी भी नए सरकारी प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने से रोक दिया है। इस खबर के आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और शेयर 20% लुढ़ककर ₹140.40 के नए 52-वीक लो पर जा पहुंचा।
मौजूदा प्रोजेक्ट्स का क्या होगा?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बैन सिर्फ भविष्य के नए टेंडर्स पर लागू है। कंपनी के पास अभी ₹18,100 करोड़ का अन-एग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक मौजूद है, जिस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मौजूदा प्रोजेक्ट्स का काम पहले की तरह ही जारी रहेगा।
अब आगे की राह क्या है?
कंपनी अब अपनी निर्भरता सड़कों के अलावा अन्य क्षेत्रों जैसे माइनिंग, सोलर एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर बढ़ा रही है। फिलहाल इस डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो की वैल्यू करीब ₹5,000 करोड़ है। अब कंपनी के सामने बड़ी चुनौती यह है कि वह इस बैन को कानूनी रूप से कैसे चुनौती देती है और वैकल्पिक बिजनेस सेगमेंट से अपनी ग्रोथ को कैसे बनाए रखती है।
