PACE Digitek की सहायक कंपनी Lineage Power ने Bondada Renewable Energy के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई के लिए एक बड़ा समझौता किया है। यह पिछले कुछ दिनों में कंपनी का तीसरा ऐसा करार है, जो एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस की मजबूत मांग का संकेत दे रहा है।
PACE Digitek का एनर्जी स्टोरेज में विस्तार
PACE Digitek अपने एनर्जी स्टोरेज बिजनेस में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी की सहायक कंपनी Lineage Power (LPPL) ने Bondada Renewable Energy के साथ एक सप्लाई एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील के तहत, LPPL बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की पूरी रेंज सप्लाई करेगी, जिसमें DC ब्लॉक, पावर कन्वर्जन सिस्टम, एनर्जी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और बैटरी कैबिनेट जैसे जरूरी कंपोनेंट्स शामिल होंगे। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में खुद को एक प्रमुख सप्लायर के रूप में स्थापित करने की कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर
यह नया एग्रीमेंट ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही कंपनी ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ भी इसी तरह के एमओयू (MoU) साइन किए थे। इन लगातार मिल रहे करारों से कंपनी के ऑर्डर बुक में तेजी से इजाफा हुआ है, खासकर BESS प्रोडक्ट्स के लिए। ये पार्टनरशिप कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वह अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लगातार रेवेन्यू में बदलना चाहती है।
बिदादी प्लांट की उत्पादन क्षमता
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बिदादी, कर्नाटक में स्थित है और यह इन ऑपरेशंस का केंद्र है। LPPL ने हाल ही में इस प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन का पहला साल पूरा किया है। एक्सचेंज फाइलिंग और कंपनी की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसिलिटी ने अब तक 260 से अधिक यूटिलिटी-स्केल BESS कंटेनर तैयार किए हैं, जिनकी कुल स्टोरेज क्षमता 1.25 गीगावाट-घंटे (Gigawatt-hours) से अधिक है। यह उत्पादन दिखाता है कि कंपनी शुरुआती सेटअप फेज से आगे बढ़ चुकी है और अब बाजार की मांग को पूरा करने के लिए अपने प्रोडक्शन वॉल्यूम को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
स्टॉक पर निवेशक की नजर
मार्केट में PACE Digitek के शेयर ₹216.15 पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले सेशन में 1.81% की बढ़त दिखाता है। लगभग ₹4,665.63 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के हाई ₹232.20 से करीब 6.91% नीचे है, जबकि 52-हफ्ते के लो ₹139.50 से 54.95% ऊपर बना हुआ है। इन मूवमेंट्स से पता चलता है कि निवेशक कंपनी की एनर्जी स्टोरेज बिजनेस से जुड़ी हालिया घोषणाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आगे क्या?
BESS कंपोनेंट्स में कंपनी का विस्तार एक स्ट्रैटेजिक कदम है, लेकिन निवेशकों को इसके स्केल के साथ-साथ हेल्दी प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। जिस सेक्टर में इतनी दिलचस्पी देखी जा रही है, उसमें प्रतिस्पर्धा भी कड़ी होगी। ऐसे में, लॉन्ग-टर्म कच्चे माल की सप्लाई सुरक्षित करना और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग की लागत को मैनेज करना महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, इन एमओयू (MoU) का पक्के, लॉन्ग-टर्म ऑर्डर्स में बदलना और उनके एग्जीक्यूशन की टाइमलाइन अगले कुछ महीनों में देखने लायक होगी।
