Oswal Pumps का शानदार Q3! कमाई **31.9%** उछली, कर्ज में भारी कटौती
Overview
Oswal Pumps ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में जबरदस्त परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम में पिछले साल की तुलना में **31.9%** का शानदार इजाफा हुआ है, जिसका श्रेय मुख्य रूप से PM KUSUM स्कीम को मिला है।
नतीजे का पूरा लेखा-जोखा
Oswal Pumps Limited ने FY26 की तीसरी तिमाही और पहले नौ महीनों के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। Q3 FY26 में, कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम ₹5,011 मिलियन के स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि (YoY) के मुकाबले 31.9% की बड़ी बढ़ोतरी है। यह ग्रोथ खासकर PM KUSUM स्कीम के तहत प्रोजेक्ट्स के सफल एग्जीक्यूशन की वजह से संभव हुई। वहीं, FY26 के पहले नौ महीनों की बात करें तो रेवेन्यू ग्रोथ और भी दमदार रही, 45.9% की YoY बढ़ोतरी के साथ यह ₹15,547 मिलियन पर पहुंच गया।
कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार दिखाया है। Q3 FY26 में ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन बढ़कर 25.4% हो गया, जो पिछली तिमाही (QoQ) से 164 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। मैनेजमेंट का कहना है कि वैल्यू-इंजीनियरिंग पहलों के बावजूद, कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव रहा।
Q3 FY26 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 13.9% YoY बढ़कर ₹916 मिलियन रहा। इसी के साथ, 9M FY26 के लिए PAT में 30.9% की YoY ग्रोथ देखी गई, जो कुल ₹2,837 मिलियन पर पहुंच गया। तिमाही के लिए डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹8.25 दर्ज किया गया।
चिंताएं और भविष्य की योजनाएं
फाइनेंशियल मोर्चे पर, Oswal Pumps ने अपने कर्ज को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। 31 दिसंबर 2025 तक, कुल उधार ₹2,021 मिलियन रह गया था, जो मार्च 2025 में ₹3,235 मिलियन था। इसके चलते, नेट डेट टू इक्विटी रेशियो घटकर 0.12x और नेट डेट टू ऑपरेटिंग EBITDA रेशियो 0.36x हो गया है। फिक्स्ड एसेट्स में भी ₹1,584 मिलियन तक का इजाफा हुआ है, जो कैपेसिटी में किए गए निवेश का संकेत देता है।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण चिंता कैश कन्वर्जन साइकिल (CCC) का 177 दिनों तक लंबा होना है। मैनेजमेंट के अनुसार, इसका कारण स्टेट नोडल एजेंसी से भुगतान में देरी है, जिसके सामान्य होने की उम्मीद है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और कर्ज में कमी के बावजूद, साइकिल का लंबा होना वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट के लिए एक शॉर्ट-टर्म चुनौती पेश करता है।
कंपनी अपने ऑर्डर बुक को मजबूत कर रही है, जिसके पास वर्तमान में 24,500 से अधिक पंपों का ऑर्डर है और 25,000 से अधिक पंपों की पाइपलाइन है। सरकार की सोलर और रिन्यूएबल इरिगेशन नीतियों से मांग जारी रहने की उम्मीद है। कंपनी अपनी कैपेसिटी का बड़ा विस्तार करने की योजना बना रही है, जिसमें सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में 1,500 MW की बढ़ोतरी शामिल है। इसके अलावा, एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न और EVA मैन्युफैक्चरिंग जैसी प्रक्रियाओं का इंटीग्रेशन भी किया जाएगा, जिसका लक्ष्य वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल का फायदा उठाना और बाजार के अवसरों का लाभ उठाना है।