क्लीन एनर्जी में ORSL का बड़ा दांव: SLPP Re-New के साथ एमओयू
Organic Recycling Systems Limited (ORSL) ने हाल ही में SLPP Re-New LLP के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत में कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) के लिए एडवांस्ड मेम्ब्रेन प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी को मजबूत करना है।
इस डील के तहत, SLPP Re-New LLP की मेम्ब्रेन प्यूरिफिकेशन की अत्याधुनिक तकनीक को ORSL की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) व ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) की विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा। दोनों कंपनियां मिलकर सरकारी और निजी क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से बोली लगाएंगी, जिससे ORSL के क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार होगा।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ORSL ने फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में ₹438 करोड़ का रेवेन्यू और ₹157 करोड़ का नेट इनकम दर्ज किया है।
यह गठबंधन ORSL को अपनी टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने और EPC सेवाओं का विस्तार करने में मदद करेगा। यह भारत के बढ़ते क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और बायोएनर्जी क्षेत्र पर सरकार के फोकस के अनुरूप है।
ORSL बायोएनर्जी डोमेन में लगातार सक्रिय रही है। इससे पहले, जनवरी 2026 में कंपनी ने इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) के साथ मिलकर CBG प्रोजेक्ट्स विकसित करने का एमओयू किया था। नवंबर 2025 में पंजाब रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम्स के साथ भी इसी तरह का एक समझौता हुआ था। फरवरी 2026 में, ORSL को मध्य प्रदेश में 10 TPD CBG प्रोजेक्ट के लिए ₹50-100 करोड़ का एक महत्वपूर्ण EPC कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था, जो राज्य में 10 ऐसे प्रोजेक्ट्स की बड़ी योजना का हिस्सा है।
इस एमओयू से ORSL को SLPP Re-New की विशेष मेम्ब्रेन-आधारित बायोगैस प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी का एक्सेस मिलेगा। संयुक्त रूप से, दोनों कंपनियां बड़ी और अधिक टेक्नोलॉजी-संचालित CBG परियोजनाओं के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बोली लगा पाएंगी। ORSL की सर्विस पेशकशों में सुधार होगा, जिसमें उसकी मौजूदा EPC और O&M क्षमताओं के साथ एडवांस्ड प्यूरिफिकेशन को एकीकृत किया जाएगा।
हालांकि, कंपनी ने यह भी नोट किया है कि टेक्नोलॉजी से जुड़े जोखिम, सरकारी नीतियां और स्थानीय राजनीतिक या आर्थिक विकास के कारण परिणाम उम्मीदों से भिन्न हो सकते हैं। इसके अलावा, नवंबर 2024 में, ORSL को CGST और सेंट्रल एक्साइज ऑफिस से ₹1.69 करोड़ का सर्विस टैक्स डिमांड ऑर्डर (ब्याज और जुर्माने सहित) मिला था। कंपनी इसे टाइम-बारड मान रही है और अपील के विकल्पों पर विचार कर रही है, जिससे कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव अपेक्षित नहीं है।
भारत के कंप्रेस्ड बायोगैस बाजार में भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और प्रज इंडस्ट्रीज जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। रिलायंस अकेले 50 से अधिक CBG प्लांट लगाने के लिए ₹5,000 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है।
ORSL का FY25 रेवेन्यू ₹438 करोड़ रहा, जबकि नेट इनकम ₹157 करोड़ थी। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 36.00% है।
आगे चलकर, ORSL और SLPP Re-New LLP की संयुक्त बोली गतिविधियों पर नजर रहेगी। SLPP की मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी को ORSL के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क में सफलतापूर्वक एकीकृत करने का इंतजार रहेगा। नवंबर 2024 में मिले सर्विस टैक्स डिमांड ऑर्डर पर कंपनी के रिज़ॉल्यूशन को भी ट्रैक किया जाएगा।