Optiemus Infracom के शेयरों में आज **14%** का उछाल देखा गया। सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS सर्टिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है, जिससे घरेलू कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।
सरकार का बड़ा कदम
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की क्वालिटी को लेकर नए नियम जारी किए हैं। 'इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स (कम्पलसरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर, 2021' के तहत अब 1 अप्रैल, 2027 से हर स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) सर्टिफिकेशन जरूरी होगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सस्ते और घटिया इंपोर्ट पर रोक लगाई जा सके, क्योंकि भारतीय बाजार में सालाना 55 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री होती है।
घरेलू कंपनियों को फायदा
यह पॉलिसी Optiemus Infracom जैसी घरेलू कंपनियों के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकती है। कंपनी अपने 'RhinoTech' ब्रांड के जरिए इस बाजार में मजबूती से कदम जमा रही है। नोएडा स्थित फैसिलिटी में कंपनी US की दिग्गज कंपनी Corning Incorporated की तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मार्च 2027 तक यह सेगमेंट उन्हें ₹2,000 करोड़ से ₹2,800 करोड़ का रेवेन्यू दिला सकता है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि, निवेश से पहले कुछ बातों पर गौर करना जरूरी है। नियम लागू होने की डेडलाइन अप्रैल 2027 तक है, जिसका मतलब है कि बदलाव रातों-रात नहीं होगा। मार्केट में अभी भी कड़ा मुकाबला बाकी है, क्योंकि दूसरी कंपनियां भी BIS सर्टिफिकेशन हासिल करने की दौड़ में हैं। इसके अलावा, लाइसेंस वाली तकनीक पर निर्भरता और कैपेसिटी बढ़ाने के लिए भारी कैपिटल खर्च भी कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के ऑर्डर बुक और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
