Omron Automation India ने FY30 तक अपने रेवेन्यू को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। FY26 में **₹649.2 करोड़** की बिक्री दर्ज करने के बाद, कंपनी अब सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर अपना पूरा फोकस कर रही है।
ग्रोथ की रफ्तार
Omron Automation India ने साल 2030 तक अपने रेवेन्यू को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। कंपनी की ग्रोथ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि FY25 में जहां बिक्री ₹513.3 करोड़ थी, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹649.2 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले 3 सालों में कंपनी ने लगभग 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) बनाए रखी है, जिससे यह इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन मार्केट में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरी है।
नई स्ट्रैटेजी और फोकस
Omron Corporation के प्रेसिडेंट और CEO जुंटा त्सुजिनागा ने साफ किया है कि अब कंपनी का ध्यान केवल मैन्युफैक्चरिंग पर नहीं, बल्कि 'लोकलाइज्ड इनोवेशन' पर होगा। कंपनी हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और इंस्पेक्शन टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है। खास तौर पर सेमीकंडक्टर, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को कंपनी ने अपनी ग्रोथ का मुख्य इंजन माना है।
भारत का बढ़ा कद
बढ़ती औद्योगिक मांग को देखते हुए Omron ने भारत को अब 'स्टैंडअलोन रीजन' (Standalone Region) का दर्जा दिया है, यानी अब भारत का कामकाज एशिया-पैसिफिक रीजन से अलग सीधे ग्लोबल स्ट्रक्चर से जुड़ेगा। Omron Automation India के MD समीर गांधी ने बताया कि यह बदलाव ग्लोबल प्लान में भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है। कंपनी के पास देश भर में 6 प्रमुख ऑफिस हैं और 100 से ज्यादा सेल्स पार्टनर्स और इंजीनियर्स की फौज है, जो फार्मा, ऑटोमोटिव और FMCG जैसे सेक्टरों में ऑटोमेशन समाधान मुहैया करा रहे हैं।
