Om Infra के Q3 नतीजे: मुनाफे में 33% की गिरावट
Om Infra Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट सेल्स में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 37.1% की गिरावट आई है और यह ₹340 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹541 करोड़ था। EBITDA में 66.7% की भारी कमी आई और यह ₹12 करोड़ पर आ गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 33.3% घटकर ₹14 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹21 करोड़ था। मार्जिन में आई कमी इस तिमाही का मुख्य कारण रही, जिससे EBITDA मार्जिन घटकर 3.5% रह गया।
9 महीने में दमदार ग्रोथ का जलवा
हालांकि, कंपनी के लिए साल के पहले नौ महीनों (9M FY26) का प्रदर्शन काफी सकारात्मक रहा। इस दौरान कंसोलिडेटेड नेट सेल्स में 77.6% का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह ₹961 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले साल 9M FY25 में ₹541 करोड़ थी। EBITDA में 138.9% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई और यह ₹86 करोड़ रहा। PAT भी 14.3% बढ़कर ₹24 करोड़ हो गया, जो कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।
मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की योजनाएं
कंपनी का ऑर्डर बुक अभी भी मजबूत स्थिति में है, जो दिसंबर 2025 तक ₹2,236 करोड़ का था। इसमें जल जीवन मिशन (JJM) के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा ₹1,390 करोड़ और हाइड्रो व वाटर सेगमेंट का ₹846 करोड़ है। हाल ही में, कंपनी को उत्तर प्रदेश में वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹129 करोड़ का एक नया ऑर्डर भी मिला है। प्रबंधन को सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों से बड़ी उम्मीदें हैं और अगले 2-3 सालों में एसेट मोनेटाइजेशन और आर्बिट्रेशन अवार्ड्स से ₹700 करोड़ से अधिक कैश इनफ्लो की उम्मीद है।
गाइडेंस ने उठाए सवाल
Om Infra ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹500-550 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान (Guidance) दिया है। यह गाइडेंस निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि कंपनी पहले ही नौ महीनों में ₹961 करोड़ का रेवेन्यू हासिल कर चुकी है। इस अंतर से यह संकेत मिलता है कि चौथी तिमाही में रेवेन्यू में काफी कमी आ सकती है या कंपनी ने बेहद कंजरवेटिव अनुमान लगाया है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।
जोखिम और आगे का रास्ता
सबसे बड़ा जोखिम हासिल किए गए 9M FY26 रेवेन्यू और पूरे साल के गाइडेंस के बीच का बड़ा अंतर है, जो चौथी तिमाही के प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है। निवेशक कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, खासकर JJM प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और एसेट मोनेटाइजेशन से होने वाले कैश इनफ्लो पर बारीकी से नजर रखेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बना रहेगा। कंपनी का Net Debt to Equity रेशियो 0.05x (FY25 के अनुसार) पर बना हुआ है, जो एक सकारात्मक संकेत है।