अपनी बैटरी और ईवी प्रोडक्शन को देगा बढ़ावा
Ola Electric Mobility Limited के बोर्ड ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली दो सब्सिडियरी - Ola Electric Technologies और Ola Cell Technologies - में ₹2,000 करोड़ के भारी निवेश को हरी झंडी दे दी है। इस रकम में से ₹1,500 करोड़ ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज को ईवी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का स्केल बढ़ाने के लिए दिए जाएंगे। वहीं, ₹500 करोड़ ओला सेल टेक्नोलॉजीज को डोमेस्टिक बैटरी सेल प्रोडक्शन के लिए मिलेंगे। यह डील मई 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है और यह Ola Electric की अपनी ऑपरेशन्स को गहराई से इंटीग्रेट करने की रणनीति को दर्शाता है।
सप्लाई चेन पर मजबूत पकड़ और सरकारी योजनाओं का फायदा
इस कदम का मकसद सप्लाई चेन की दिक्कतों से अपने ईवी बिजनेस को सुरक्षित करना और लोकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरकारी इंसेंटिव्स का फायदा उठाना है। यह कदम भारत सरकार के एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹18,100 करोड़ के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीम जैसे बड़े पुश के अनुरूप है। Ola Electric Technologies ने फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹4,717.48 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया, जबकि Ola Cell Technologies ने ₹73 करोड़ कमाए। यह दिखाता है कि सेल मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन अभी अपने शुरुआती दौर में है।
कॉम्पिटिशन और मार्केट शेयर में बदलाव
यह बड़ा निवेश ऐसे समय में आया है जब Ola Electric को मार्केट में कड़ा मुकाबला मिल रहा है। 2025 में TVS Motor Company इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) सेगमेंट में बिक्री के मामले में Ola Electric से आगे निकल गई। Ather Energy भी बड़े फंड राउंड और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ आक्रामक तरीके से विस्तार कर रही है। दूसरी ओर, Mahindra & Mahindra भी अपनी ईवी आर्म के लिए ₹12,000 करोड़ का बड़ा निवेश कर रही है।
वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की चिंताएं
बाजार में लीडरशिप के लक्ष्य के बावजूद, Ola Electric को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 25 के लिए, कंपनी ने 9% की गिरावट के साथ ₹4,645 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और नेट लॉस 22% बढ़कर ₹870 करोड़ हो गया। हालांकि ग्रॉस मार्जिन 20.5% (FY24 में 14.8% था) तक सुधरा है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है, लेकिन -138.8 का P/E रेश्यो और लगभग ₹15,923 करोड़ की मार्केट कैपिटलाइजेशन निवेशकों की सावधानी को दिखाता है। पिछले सालों (2022-2024) में E2W सेगमेंट में लीडर रहने के बावजूद, 2025 में कंपनी की बिक्री में बड़ी गिरावट देखी गई।
आगे का रास्ता: प्रॉफिटेबिलिटी और मार्केट पोजीशन का लक्ष्य
Ola Electric का यह ₹2,000 करोड़ का निवेश फाइनेंशियल ईयर 26 तक ऑटो सेगमेंट में EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। खुद की बैटरी सेल प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाकर, कंपनी बाहरी सप्लायर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है, लागत पर नियंत्रण रखना चाहती है, और स्केल बढ़ने के साथ मार्जिन में सुधार करना चाहती है। Ola Cell Technologies का सफल इंटीग्रेशन इस विजन को साकार करने और भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में एक मजबूत कॉम्पिटिटिव एडवांटेज हासिल करने की कुंजी होगा।