ओडिशा सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हुए **₹2.45 लाख करोड़** के **27** बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। इस बार फोकस मिनरल्स के बजाय AI, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी पर है।
डिजिटल और ग्रीन एनर्जी का बोलबाला
ओडिशा की 'हाई लेवल क्लीयरेंस अथॉरिटी' ने कुल 27 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जो राज्य के 15 जिलों में फैलाए जाएंगे। सरकार का मुख्य मकसद राज्य को सिर्फ खनिज (मिनरल्स) पर निर्भर रखने के बजाय मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल एनर्जी का हब बनाना है।
इस कुल निवेश का आधे से ज्यादा हिस्सा, यानी करीब ₹1,42,941 करोड़, सिर्फ डेटा सेंटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किया गया है। इसके अलावा, ₹54,287.70 करोड़ की लागत से चार बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे, जो ग्रीन हाइड्रोजन के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेंगे। वहीं, सुंदरगढ़ में स्टील और मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹14,000 करोड़ का निवेश आएगा।
प्रमुख कंपनियां और प्रोजेक्ट्स
इस मेगा इन्वेस्टमेंट में कई नामी कंपनियां शामिल हैं:
- HCL Technologies: खुर्दा में AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बनाएगी।
- High Density Data Centre Ltd और Sentraforge AI Ltd: डेटा और AI सेगमेंट में बड़े निवेश का जिम्मा संभालेंगी।
- Adani Foundation: खुर्दा में ₹2,150 करोड़ की लागत से 1,000 बेड वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इतनी भारी-भरकम राशि का निवेश राज्य की ग्रोथ के लिए तो बड़ा ट्रिगर है, लेकिन निवेशकों को अब प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन (Execution) पर नजर रखनी होगी। जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण संबंधी मंजूरी और निर्माण में होने वाली देरी जैसे फैक्टर्स अक्सर प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और लागत को प्रभावित करते हैं। आने वाले समय में लैंड अलॉटमेंट और कंस्ट्रक्शन शुरू होने की अपडेट्स इस पूरे निवेश की दिशा तय करेंगी।
