Nuvoco Vistas के शेयर आज **8%** तक चढ़ गए। कंपनी ने जून तिमाही में अपने मुनाफे में साल-दर-साल **20%** की वृद्धि दर्ज की, जो **₹160 करोड़** रहा। इसके साथ ही, कंपनी ने गुजरात के सूरत में **2 MTPA** क्षमता वाली नई ग्राइंडिंग यूनिट का उद्घाटन किया, जिससे पश्चिमी भारत के बाजार में उसकी आधिकारिक एंट्री हुई है।
Nuvoco Vistas के नतीजे और शेयर में उछाल
मंगलवार को Nuvoco Vistas Corporation के शेयरों में 8% की तेजी देखी गई। कंपनी की जून तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट और उत्पादन क्षमता में विस्तार को बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सीमेंट बनाने वाली इस कंपनी ने ₹160 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 20% अधिक है। तिमाही के लिए रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹3,129 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 7% बढ़कर ₹572 करोड़ रहा।
पश्चिमी भारत में रणनीतिक एंट्री
कंपनी के मौजूदा विस्तार की एक बड़ी वजह सूरत स्थित लिमला सीमेंट प्लांट में 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाली नई ग्राइंडिंग यूनिट है। यह यूनिट, सब्सिडियरी Vadraj Cement Ltd द्वारा संचालित है, जो Nuvoco को गुजरात के बाजार में सीधा प्रवेश दिलाती है। कंपनी ने इस प्लांट को रेनोवेट करने में ₹240 करोड़ का निवेश किया है, जो Vadraj Cement एसेट्स के ₹1,800 करोड़ के पिछले अधिग्रहण लागत के अतिरिक्त है। इस कदम का उद्देश्य गुजरात और महाराष्ट्र में सप्लाई को बेहतर बनाना है, साथ ही राजस्थान स्थित प्लांट्स को उत्तरी भारतीय बाजारों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देना है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत को अनुकूलित किया जा सके।
क्षमता विस्तार और टाइमलाइन
सूरत यूनिट के अलावा, Nuvoco Vistas ने फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी कुल सीमेंट क्षमता को 25 MTPA से बढ़ाकर 35 MTPA करने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसका कच्छ प्रोजेक्ट फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही में फेज्ड ऑपरेशंस शुरू करने के लिए ट्रैक पर है। इसके अतिरिक्त, गुजरात के विरमगाम में एक नया बल्क सीमेंट टर्मिनल फाइनेंशियल ईयर 2028 की दूसरी तिमाही तक चालू होने वाला है। इन प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करना है।
निवेशकों को इन पूंजी-गहन प्रोजेक्ट्स से जुड़े कर्ज के प्रबंधन पर नजर रखनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि क्या कंपनी नई सुविधाओं के चालू होने की लागत को समायोजित करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख सकती है। हालांकि सीमेंट की मांग अक्सर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग एक्टिविटी से जुड़ी होती है, लेकिन इन नई सुविधाओं का अंतिम लाभ बाजार में खपत, पश्चिमी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और कंपनी की इन शेष प्रोजेक्ट्स को महत्वपूर्ण देरी या लागत में वृद्धि के बिना पूरा करने की क्षमता पर निर्भर करेगा। अगली प्रमुख निगरानी योग्य बातें नई सूरत यूनिट का परिचालन प्रदर्शन और कच्छ प्रोजेक्ट के चालू होने की समय-सीमा पर कोई भी अपडेट होंगी।
