सेल्स बढ़ी, पर मुनाफे पर क्यों लगी लगाम?
Nuvoco Vistas Corporation, जो Nirma ग्रुप की सीमेंट इकाई है, ने मार्च 2026 में समाप्त हुई चौथी तिमाही में ₹140.71 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹165.54 करोड़ की तुलना में 15% की गिरावट है। यह गिरावट तब आई जब कंपनी का राजस्व 8.7% बढ़कर ₹3,306.75 करोड़ हो गया। कंपनी के कुल खर्चों में 7.27% की बढ़ोतरी देखी गई, जो बढ़कर ₹3,028.04 करोड़ हो गया। बढ़ी हुई लागतों ने कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाला, जबकि पिछले साल की चौथी तिमाही मजबूत डिमांड और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की वजह से बेहतर प्रॉफिट में रही थी।
कैपेक्स और ग्रीन एनर्जी पर दांव
Nuvoco अपनी विस्तार योजनाओं (Expansion Plans) को तेजी से आगे बढ़ा रही है। Vadraj Cement फैसिलिटी में क्लिंगर और ग्राइंडिंग यूनिट्स Q3 FY27 से फेज वाइज चालू होने वाली हैं। वहीं, ईस्टर्न इंडिया में 4 मिलियन टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य FY28 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे कुल क्षमता लगभग 35 MMTPA हो जाएगी। इसके अलावा, गुजरात में 1.5 MMTPA का एक नया बल्क सीमेंट टर्मिनल FY 2027-28 तक तैयार हो जाएगा। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए बड़े निवेश की जरूरत है, जो मौजूदा मार्जिन दबाव के साथ मिलकर कंपनी के शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही, Nuvoco ऊर्जा लागत को कंट्रोल करने और स्थिरता (Sustainability) बढ़ाने के लिए Clean Max Ilghop Private Ltd में ₹26 करोड़ तक का निवेश करके 26% हिस्सेदारी खरीद रही है, ताकि एक रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट बनाया जा सके।
वैल्यूएशन और पीयर कंपेरिजन में पीछे
भारतीय सीमेंट सेक्टर में FY26 में हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड के कारण 7-8% की ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि, Nuvoco का परफॉरमेंस बड़े प्रतिद्वंद्वियों (Peers) की तुलना में थोड़ा पीछे है। कंपनी का एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA (EV/EBITDA) मल्टीपल लगभग 9.8 गुना है, जो इंडस्ट्री के मीडियन 12.6 गुना और UltraTech Cement के 24.1 गुना से काफी कम है। यह कम वैल्यूएशन निवेशकों की चिंताओं को दर्शा सकता है। UltraTech Cement और Ambuja Cement ग्रोथ में आगे रहने की उम्मीद है, जबकि Nuvoco का विस्तार इंडस्ट्री एवरेज के बराबर ही रहने का अनुमान है। UltraTech सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) जैसे पैमानों पर भी Nuvoco से काफी आगे है। Nuvoco का पिछले साल का ROE सिर्फ 0.24% रहा।
वित्तीय सेहत और टैक्स के झमेले
Nuvoco की वित्तीय संरचना (Financial Structure) और कानूनी मुद्दे चिंता का विषय हैं। कंपनी का डे्ट-टू-इक्विटी रेशियो 0.42 और 0.63 के बीच है, जो पीयर्स की तुलना में थोड़ी कमजोर कैपिटल स्ट्रक्चर को दर्शाता है। वहीं, इंटरेस्ट कवरेज रेशियो सिर्फ 2.2x है। प्रॉफिटेबिलिटी के मेट्रिक्स भी कमजोर हैं, जिसमें 3.68% का औसत ROCE और 0.24% का ROE शामिल है। MarketsMojo ने कंपनी की क्वालिटी और फंडामेंटल्स में कमजोरी के कारण इसे 'Strong Sell' रेटिंग दी है। इन समस्याओं के अलावा, कंपनी पर महत्वपूर्ण टैक्स विवाद भी हैं। Nuvoco को ₹112.48 करोड़ के CGST का डिमांड नोटिस मिला है और इनवॉइसिंग मुद्दों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से इनकार को लेकर ₹4.36 करोड़ का इनकम टैक्स नोटिस भी जारी हुआ है। कंपनी का कहना है कि इन दावों का वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ऐसे विवाद परिचालन (Operational) और प्रतिष्ठा (Reputational) जोखिम पैदा करते हैं। एनालिस्ट की राय बंटी हुई है: ज्यादातर 'Buy' रेटिंग और ₹430 के आसपास टारगेट प्राइस दे रहे हैं, जो पोटेंशियल अपसाइड का संकेत देते हैं। लेकिन MarketsMojo अपनी 'Strong Sell' रेटिंग पर कायम है, जो कंपनी की फंडामेंटल स्ट्रेंथ और भविष्य के आउटलुक को लेकर चिंतित है। यह विभाजन Nuvoco की अपनी आंतरिक चुनौतियों और रेगुलेटरी जांच के बीच लाभदायक ग्रोथ हासिल करने की क्षमता के बारे में अनिश्चितता को दर्शाता है।