Nuvama की चिंता: वैल्यूएशन और ऑर्डर में देरी
Bharat Forge के शेयर पिछले एक साल में 71% उछले हैं, और पिछले महीने ही ये 20% बढ़कर ₹2,025 के 52-हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गए थे। इस तूफानी तेजी के बाद, Nuvama ने स्टॉक की रेटिंग 'Hold' से घटाकर 'Reduce' कर दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। Nuvama का अनुमान है कि Bharat Forge, वित्तीय वर्ष 2027 और 2028 के लिए अपने EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के मुकाबले लगभग 29 गुना और 24 गुना के EV पर ट्रेड कर रहा है। मौजूदा समय में, इसका TTM (Trailing Twelve Month) EV/EBITDA करीब 28-30x है, और P/E रेश्यो लगभग 69.88x है। यह दर्शाता है कि बाजार पहले से ही भविष्य की बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जिससे शेयर में और बढ़त की गुंजाइश कम हो जाती है।
डिफेंस ऑर्डर में रुकावट और विदेशी कंपनियों का घाटा
Bharat Forge के डिफेंस, इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट बिजनेस में लंबी अवधि की अच्छी संभावनाएं तो हैं, लेकिन कंपनी को फिलहाल कुछ परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ATAGS (एडवांस्ड टोर्ड आर्टिलरी गन सिस्टम) और कार्बाइन जैसे महत्वपूर्ण डिफेंस ऑर्डरों में उम्मीद के मुताबिक तेजी से काम नहीं हो रहा है। इस वजह से, Nuvama ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपने EBITDA अनुमान को 5% तक घटा दिया है। यह देरी अगले फाइनेंशियल ईयर में कमाई की ग्रोथ को धीमा कर सकती है।
इसके अलावा, कंपनी की विदेशी सब्सिडियरी का प्रदर्शन भी नतीजों पर भारी पड़ रहा है। हालिया तिमाही में, इंटरनेशनल ऑटो रेवेन्यू 18% गिरा है, जिसमें कमर्शियल व्हीकल (CV) बिक्री 26% और पैसेंजर व्हीकल (PV) बिक्री 6% गिरी है। अनुमान है कि ये विदेशी यूनिट अगले कई सालों तक घाटे में रहेंगी, जिससे कंपनी के कुल मुनाफे पर असर पड़ेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए, कंपनी अपनी जर्मन सब्सिडियरी Bharat Forge CDP GmbH में प्रोडक्शन को भारत शिफ्ट करने की योजना बना रही है, ताकि मैन्युफैक्चरिंग लागत को कम किया जा सके। इन दबावों के बीच, Bharat Forge ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में अपने निवेश पर ₹450 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज (राइट-ऑफ) भी दर्ज किया है। इसी के चलते, चौथी तिमाही (FY26) में कंपनी को स्टैंडअलोन ₹258.8 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जो EV सेगमेंट में इसकी स्ट्रेटेजी में बदलाव का संकेत देता है।
इंडस्ट्री का परिदृश्य और आगे की राह
Bharat Forge ऑटो एंसिलरी सेक्टर में काम करती है, जहां औसत P/E रेश्यो लगभग 41.87x है। कंपनी के मौजूदा मल्टीपल्स इस रेंज के ऊपरी छोर पर हैं। वहीं, प्रतिस्पर्धियों की बात करें तो Tata Motors का TTM P/E 5.62x से 7.26x के बीच है, जबकि Larsen & Toubro (L&T) का P/E 31.70x से 33.98x के बीच है।
आगे चलकर, ग्लोबल कमर्शियल व्हीकल मार्केट 2026 तक स्थिर होने और 2027-2028 से थोड़ी ग्रोथ दिखाने की उम्मीद है। भारत का मजबूत डिफेंस बजट और 'मेक इन इंडिया' पहल Bharat Forge के डिफेंस सेगमेंट के लिए एक बड़ा सहारा है, जिसका ऑर्डर बुक ₹10,961 करोड़ है। हालांकि, कंपनी इन ऑर्डरों को कितनी कुशलता और मुनाफे से पूरा कर पाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। इसके बावजूद, Q4 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹4,528 करोड़ और EBITDA 14.3% बढ़कर ₹778 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA मार्जिन पर हल्का दबाव देखा गया।
मुख्य जोखिम और विश्लेषकों के अलग-अलग मत
Bharat Forge के आउटलुक को कुछ प्रमुख जोखिम प्रभावित कर रहे हैं। सबसे बड़ा जोखिम इसका अत्यधिक वैल्यूएशन है; हालिया 20% की तेजी के बाद, वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है, जिससे किसी भी गलती की गुंजाइश कम हो जाती है। डिफेंस ऑर्डरों को पूरा करने में और देरी से निकट अवधि में रेवेन्यू और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। विदेशी सब्सिडियरी से लगातार हो रहा घाटा भी कंपनी के समेकित नतीजों को खींच रहा है। EV निवेशों पर बड़ा राइट-ऑफ, टेक्नोलॉजी सेक्टर के उतार-चढ़ाव और कैपिटल के गलत इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय जोखिमों को उजागर करता है। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। कुछ फर्म 'Strong Buy' रेटिंग दे रही हैं, वहीं Nuvama की 'Reduce' रेटिंग और कुछ अन्य रिपोर्ट्स जो औसतन ₹1,922 का टारगेट प्राइस सुझाती हैं, इस मतभेद को दर्शाती हैं।
