बजट के बाद बाज़ार में जोरदार वापसी
यूनियन बजट 2026 वाले दिन आई भारी गिरावट के बाद, भारतीय शेयर बाज़ार ने सोमवार को ज़बरदस्त वापसी की। बेंचमार्क Nifty 50 इंडेक्स 25,000 के अहम स्तर को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा, जिससे बजट वाले दिन हुए नुकसान का बड़ा हिस्सा कवर हो गया। यह रिकवरी बाज़ार में फैली हुई थी, जिसमें ऑटो, ऑयल एंड गैस और मेटल जैसे सेक्टरों ने सबसे ज़्यादा दम दिखाया।
Nifty 50 ने दर्ज की 262 अंकों की बढ़त
Nifty 50 इंडेक्स ने सोमवार का कारोबार 25,088.40 के स्तर पर बंद किया, जो 262.95 अंकों या 1.06% की बढ़त दर्शाता है। यह इंडेक्स के लिए दिन की नीचली स्तर 24,679.40 से 429 अंकों की बड़ी रिकवरी थी, जो बजट की घोषणा के बाद रविवार को देखा गया था। बाज़ार की इस वापसी के साथ ही भारतीय रुपये में भी मज़बूती आई, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे चढ़कर ₹91.51 पर बंद हुआ। इस मजबूती का कारण कमोडिटी की कीमतों में नरमी और सरकार की वित्तीय नीतियों को माना जा रहा है। छोटे और मझोले शेयरों में भी तेज़ी देखने को मिली, Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.96% और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.64% चढ़ा।
बजट वाले दिन हुई थी 2.33% की गिरावट
रविवार, बजट वाले दिन Nifty 50 में 2020 के बाद सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई थी, जो 2.33% गिरकर 24,825.45 पर बंद हुआ था। इस बिकवाली का मुख्य कारण डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी और कुछ अन्य नीतिगत फैसले थे। सोमवार की रिकवरी से यह संकेत मिलता है कि निवेशक बजट वाले दिन की शुरुआती प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर बाज़ार के निचले स्तरों पर वैल्यू देख रहे हैं और तिमाही नतीजों (Q3 Earnings) के सीज़न से सकारात्मक उम्मीदें लगा रहे हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन: तेज़ी और मंदी
ज़्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, सिवाय Nifty IT और Nifty Healthcare के। ऑटो, ऑयल एंड गैस और मेटल सेक्टरों ने रिकवरी में सबसे अहम भूमिका निभाई। वहीं, Nifty IT सेक्टर में 0.47% की मामूली गिरावट आई, क्योंकि जनवरी में भी टेक्नोलॉजी शेयरों में ज़्यादा तेज़ी नहीं देखी गई थी। Nifty Healthcare सेक्टर भी दबाव में रहा, जिसने जनवरी में 5.1% की गिरावट दर्ज की थी। हालांकि, महीने की बात करें तो मेटल सेक्टर 5.91% और PSU बैंक 5.7% का रिटर्न देकर मज़बूत दिखे, जबकि रियलटी, FMCG और ऑटो जैसे सेक्टरों में जनवरी में गिरावट आई थी।
मैक्रो इकोनॉमिक्स और टेक्निकल लेवल
जनवरी 2026 के लिए HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI 55.4 पर पहुंचा, जो दिसंबर के 55.0 से थोड़ा ज़्यादा है, लेकिन शुरुआती अनुमान 56.8 से कम है। यह घरेलू मांग से मज़बूत परिचालन सुधार का संकेत देता है।
तकनीकी तौर पर, विश्लेषक Nifty 50 के लिए 25,200-25,400 के स्तर को अहम रेसिस्टेंस (Resistance) मान रहे हैं। एक बड़ा हर्डल 200-दिन के मूविंग एवरेज (200-DMA) पर है, जो लगभग 25,210 पर है। विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर से ऊपर की निर्णायक बढ़त एक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड रिवर्सल का संकेत दे सकती है। वहीं, 24,800-24,900 का स्तर इमीडिएट सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
अदाणी ग्रुप स्टॉक्स में उछाल
सोमवार को अदाणी ग्रुप के कई शेयर, जैसे अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी ग्रीन एनर्जी में 2% से 5% तक की तेज़ी देखी गई। यह उछाल तब आया जब इसी कैलेंडर वर्ष 2026 में अदाणी ग्रुप के शेयर बाज़ार के मुकाबले थोड़ा पिछड़ रहे थे। अदाणी पोर्ट्स को जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से स्टेबल लॉन्ग-टर्म फॉरेन करेंसी क्रेडिट रेटिंग मिली है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपने Q3 FY26 नतीजों पर चर्चा के लिए 3 फरवरी को एक इन्वेस्टर कॉल शेड्यूल किया है।
आगे क्या? तिमाही नतीजों पर नज़र
इस हफ्ते बाज़ार का फोकस Q3 नतीजों पर रहेगा। बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, वरुण बेवरेजेज और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे बड़े नामों के नतीजे आने वाले हैं। बजाज फाइनेंस से मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें नेट इंटरेस्ट इनकम और प्रॉफिट में साल-दर-साल लगभग 20% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाज़ार में पॉजिटिव मोमेंटम बना रह सकता है, लेकिन ग्लोबल संकेत और कंपनियों के नतीजे आगे की दिशा तय करेंगे। वहीं, कुछ जानकारों का मानना है कि 200-DMA के नीचे बाज़ार का ट्रेंड अभी भी कमजोर है, इसलिए ज़्यादा लीवरेज्ड लॉन्ग पोजीशन लेने से बचना चाहिए।