शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Brent Crude की कीमतें **$110** प्रति बैरल के 17-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा और Nifty Metal इंडेक्स **3.14%** फिसल गया।
ग्लोबल मार्केट में एनर्जी की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चा तेल $110 के करीब पहुंच गया है, जिससे मेटल कंपनियों के सामने ऑपरेशनल लागत बढ़ने और मुनाफे पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
सेक्टर में चौतरफा बिकवाली
सेक्टर में हर तरफ भारी दबाव दिखा। National Aluminium Company (NALCO) के शेयर 5% गिरकर ₹352 पर बंद हुए। Vedanta और Hindustan Copper में भी 4% से अधिक की कमजोरी देखी गई। वहीं, दिग्गज कंपनियों में Tata Steel और JSW Steel के शेयर भी करीब 3% टूटे।
इकोनॉमिक चुनौतियों का असर
मेटल स्टॉक्स पर केवल कच्चे तेल का ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स का भी बुरा असर पड़ा है। अमेरिका में Treasury Yields के 4.9% के स्तर को पार करने और डॉलर के मजबूत होने से इमर्जिंग मार्केट से विदेशी निवेश बाहर निकल रहा है। इसका सीधा असर कंपनियों के EBITDA मार्जिन पर पड़ने की आशंका है।
टेक्निकल आउटलुक
फिलहाल Nifty Metal इंडेक्स 12,800 से 13,600 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। एक्सपर्ट्स 12,400 से 12,800 के सपोर्ट जोन पर नजर बनाए हुए हैं। आगे की दिशा कच्चे तेल की चाल और मार्केट सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी। किसी भी पॉजिटिव ट्रेंड के लिए इंडेक्स का 13,600 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करना जरूरी है।
