नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के लिए NHIT ने जुटाई बड़ी रकम
National Highways Infra Trust (NHIT) ने अपने पांचवें फंड जुटाने के अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें कुल ₹3,086.01 करोड़ जमा किए गए हैं। यह फंड ₹2,468.808 करोड़ इंस्टीट्यूशनल यूनिट की बिक्री से और ₹617.202 करोड़ यूनिट के प्राइवेट प्लेसमेंट से आए हैं। यह पैसा सरकार की नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) में NHIT की भूमिका को और मजबूत करेगा, जिसका लक्ष्य नए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए सरकारी संपत्तियों से वैल्यू निकालना है।
भारतीय InvIT सेक्टर में ग्रोथ और NHIT की मजबूत स्थिति
भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) सेक्टर जबरदस्त ग्रोथ देख रहा है, और मार्च 2026 तक मैनेजमेंट के तहत कुल एसेट्स (Assets Under Management - AUM) ₹3.2 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। NHIT अपनी बेहद मजबूत बैलेंस शीट के लिए जाना जाता है। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) सिर्फ 0.00x रहा है, जो कि कई प्रतिस्पर्धियों से काफी अलग है। उदाहरण के लिए, India Grid Trust (IndiGrid) का मार्च 2025 तक यह अनुपात 4.78 था।
आर्थिक माहौल भी सपोर्टिव है, भारत की GDP ग्रोथ 2026 में 6.5% के आसपास रहने का अनुमान है और महंगाई कम हो रही है। 2026 में ब्याज दरों में कमी की भविष्यवाणियां इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के लिए उधार लेने की लागत को कम करेंगी। SEBI के अपडेटेड रेगुलेशन्स, जो प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट और फ्लेक्सिबल फंड रेजिंग की अनुमति देते हैं, ने भी इन कैपिटल रेजिंग को आसान बनाया है।
NHIT के लिए संभावित जोखिम
NHIT की वित्तीय मजबूती, विशेष रूप से इसका न्यूनतम कर्ज, कुछ संभावित जोखिमों पर विचार करने की आवश्यकता है। अत्यधिक कम डेट-टू-इक्विटी रेश्यो, जो वित्तीय स्वास्थ्य का एक मजबूत संकेतक है, यह भी संकेत दे सकता है कि भविष्य के विस्तार के लिए कंपनी कर्ज की तुलना में इक्विटी पर अधिक निर्भर है। इससे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में एसेट अधिग्रहण धीमा हो सकता है जो अधिक कर्ज का उपयोग करते हैं। NHIT के नेट प्रॉफिट मार्जिन भी FY24 के 30.2% से गिरकर FY25 में 13.5% हो गए हैं।
बढ़ते बाजार में NHIT का आउटलुक
लगातार फंड जुटाने की सफलता और मजबूत बैलेंस शीट NHIT को तेजी से बढ़ते भारतीय InvIT मार्केट में एक मजबूत पोजीशन में रखती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और व्यापक नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन से लगातार एसेट सप्लाई और बेहतर एग्जीक्यूशन NHIT की दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण होंगे। ट्रस्ट ने हाल ही में जनवरी 2026 तक समाप्त होने वाली अवधि के लिए ₹1.160 प्रति यूनिट का डिस्ट्रीब्यूशन भी घोषित किया है, जो दर्शाता है कि यह ऑपरेटिंग कैश फ्लो उत्पन्न करने में सक्षम है।